इंदिरा कैंटीन पर भी दिखा कोरोना वायरस का असर-ग्राहकों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमीहुब्बल्ली
हुब्बल्ली
कोरोना वायरस का असर इंदिरा कौंटीन पर भी पड़ा है, जिसके चलते पिछले चार-पांच दिनों से कैंटीन आने वालों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी आई है। कोरोना वायरस के भय से लोग बाहर का नाश्ता, भोजन करने से कतरा रहे हैं।
इंदिरा कैंटीन को हुब्बल्ली के किम्स अस्पताल, न्यू इंग्लिश स्कूल के समीप दमकल दल कार्यालय के पास, सोनिया गांधी नगर, पुरानी हुब्बल्ली एसएम कृष्णा नगर, बेंगेरी साप्ताहिक सब्जी मंडी, उणकल, नए बस स्टैण्ड के पास तथा धारवाड़ के मिनी विधानसौधा, नए बस स्टैण्ड के पास खोला गया है। अब तक इन कैंटीन में दिन में न्यूनतम 50 प्लेट नाश्ता तथा भोजन की बिक्री होती थी परन्तु कोरोना वायरस के राज्य में भी पाए जाने की खबर सुनने के बाद इंदिरा कौटीन को आने वालों की संख्या घट रही है। अब 250 से 300 प्लेट ही नाश्ता तथा भोजन की बिक्री हो रही है।
कैंटीन के कर्मचारियों का कहना है कि किम्स अस्पताल, धारवाड़ के मिनी विधानसौधा तथा बस स्टैण्ड के कैंटीन में प्रतिदिन कूली मजदूर, श्रमिक समेत अन्य लोग अधिक संख्या में आकर नाश्ता तथा भोजन करते थे। अब सुबह इड्ली समेत किसी भी नाश्ते को लेने नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा दोपहर का भोजन लेने को भी नहीं आ रहे हैं। कुछ छात्रा मात्र आ रहे हैं। इसके चलते नाश्ता तथा भोजन बच रहा है। इसके अलावा सरकारी स्कूल-कॉलेजों में एक सप्ताह का अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे मौके पर हम कैंटीन खोलें या फिर नहीं इसी दुविधा में हैं।