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जिंदगी में आचार-विचार, व्यवहार व आचरण प्रदूषित हो गए हैं

जिंदगी में आचार-विचार, व्यवहार व आचरण प्रदूषित हो गए हैं

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हुबली

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S F Munshi

Oct 19, 2023

जिंदगी में आचार-विचार, व्यवहार व आचरण प्रदूषित हो गए हैं

जिंदगी में आचार-विचार, व्यवहार व आचरण प्रदूषित हो गए हैं

सिंधनूर
आनंद शिक्षण संस्था, सिंधनुर योग साधक समिति और तपोवन योग और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र दावणगेरे के संयुक्त तत्वाधान में सुप्रसिद्ध योग और मनो रोग चिकित्सक डॉ. शिवराज पाटील के नेतृत्व में जागरूकता सभा और रोग निदान परामर्श कार्यक्रम आनंद पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया।
स्वस्थ और रोग मुक्त जीवन के लिए सही दिनचर्या, शुद्ध खानपान और सकारात्मक जीवन शैली के महत्व को बताते हुए डॉ. शिवराज पाटील ने कहा कि स्वस्थ मन और शुद्ध अन्न से ही स्वस्थ शरीर का निर्माण होता है। आजकल व्यस्तता भरी जिंदगी में आचार-विचार, व्यवहार और आचरण सभी प्रदूषित हो गए हैं, जिसके कारण मनुष्य तनावग्रस्त हो कर स्वत: बीमारियों को न्यौता दे रहा है।
भारतीय संस्कृति में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा के योगदान का उल्लेख करते हुए डॉ. पाटील ने कहा कि स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए कहीं जिम जाने की जरूरत नहीं बल्कि सात्विक खानपान, नियमित योगाभ्यास और संयमित जीवन चर्या को आत्मसात करने की जरूरत है। जिंदगी आनंदमय बने, इसके लिए ध्यान और सत्संग को अपनाना चाहिए।
प्रात: कालीन सत्र में योग, आसन और प्राणायाम के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे सत्र में बीमारियां और उसके कारण के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। तीसरे सत्र में रोग निदान के सामान्य नुस्खे और सलाह के साथ साथ घरेलू उपचार पद्धति के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
आनंद शिक्षण संस्था के अध्यक्ष गौतम मेहता ने शिविरार्थियों से योग और आयुर्वेद को अपने जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाने की सलाह दी। आनंद शिक्षण संस्था के उपाध्यक्ष शशी दानी, कोषाध्यक्ष अशोक बंब, डॉ. शरणप्पा, डॉ. मल्लिकार्जुन तथा योग प्रशिक्षक लक्ष्मण शेट्टी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिविर में लगभग 200 साधकों ने भाग लिया था।
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