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बचपन से ही बच्चों में सुसंस्कारों का रोपण करना चाहिए

बचपन से ही बच्चों में सुसंस्कारों का रोपण करना चाहिए

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हुबली

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S F Munshi

Sep 29, 2023

बचपन से ही बच्चों में सुसंस्कारों का रोपण करना चाहिए

बचपन से ही बच्चों में सुसंस्कारों का रोपण करना चाहिए

सिंधनूर (रायचूरु).
श्रमण संघीय उप प्रवर्तक गुरुदेव नरेशमुनि ने अपने दैनिक प्रवचन में कहा कि इंसान की सोच, उसके विचार और उसका आचरण अगर यह तीन सकारात्मक और सही दिशा की ओर प्रवृत्त हो तो उसका जीवन सफल, सुखमय और धर्ममय बन सकता है। मनुष्य जिस परिवार और समाज में पलता और बढ़ता है उस वातावरण का उसके जीवन पर बहुत असर होता है। जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं वो कितनी भी विपरित परिस्थितियों में भी अडिग खड़ा रहता है। चाहे तेज हवा आए या तूफान। वैसे ही जिस व्यक्ति को बचपन से ही अच्छे संस्कार, अच्छी सोहबत और सही मार्गदर्शन मिल जाए उसका भविष्य अच्छा ही होता है। इसलिए हमें बचपन से ही बच्चों में सुसंस्कारों का रोपण करना चाहिए।
आजकल का युवा वर्ग दिग्भ्रमित हो कर, बिना लक्ष्य और बिना कोई उद्देश्य लिए अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। वर्तमान और भविष्य की कोई कार्य योजना उसके पास हैं ही नहीं। बस यूं ही अपनी अमूल्य जिंदगी बर्बाद कर रहा है। आजकल का युवा फैशन और दिखावे के भ्रम जाल में पड़ कर, पाश्चात्य संस्कृति के व्यामोह में पड़ कर अपनी निज संस्कृति को भूल कर अपना चरित्र खोखला करते हुए दुर्गति की ओर बढ़ रहा है।
इस चारित्रिक, सामाजिक और व्यवहारिक पतन को रोकने के लिए आज एक नई आध्यात्मिक क्रांति की जरूरत है, जिससे उसका यह भव और पर भव दोनों का कल्याण हो सके। इसके लिए गुरु भगवंतों और ज्ञानी बुजुर्गों का सही मार्गदर्शन और सानिध्य पाना बहुत जरूरी है, ताकि उनके अनुभव और उनकी दूरगामी सोच से अपने जीवन का सद निर्माण कर सके।
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