बदहाल शिक्षा 03 : टूटकर गिर रही छत, पढ़ाई बाधित, अभिभावकों को सता रही चिंता346 कमरे जीर्ण-शीर्ष हालत में जिसमें 333 प्राथमिक और 13 माध्यमिक विद्यालयों के कमरों शामिल257 कमरों को तत्काल मरम्मत की जरूरत धारवाड़ जिले के 79 स्कूलों के 662 कमरे में से, जिसके लिए प्रस्ताव सौंपा जा चुका है
जाकिर हुसैन पट्टणकुड़ी
हुब्बल्ली. गर्मी की छुट्टियां खत्म कर चुके बच्चों का शैक्षणिक वर्ष शुरू हुए अभी डेढ़ महीना ही हुआ है और अब हर साल की तरह बारिश के कारण स्कूल के कमरों में पानी टपक रहा है। इतना ही नहीं, जगह-जगह कमरों की छतें टूटकर गिर रही हैं, जिससे बच्चों के अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
धारवाड़ जिले में सरकारी स्कूलों के 346 कमरे जर्जर हैं और 257 कमरों की मरम्मत की जरूरत है। खासकर अब लगातार बारिश के कारण ज्ञान के इन मंदिरों से पानी टपकने लगा है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। इसके अलावा कहीं खंभे गिर गये हैं तो कहीं जर्जर कमरे गिरने की स्थिति में हैं। ऐसे में बच्चों और अभिभावकों में डर बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा में भी दिक्कत आ रही है।
यहां ये है स्थिति
वर्ष 2023-24 में 18 सरकारी कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय, 127 सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं 10 सरकारी माध्यमिक (हाईस्कूल) विद्यालय सहित 135 विद्यालयों के 1118 कमरों में से प्राथमिक विद्यालय के 333 कमरे एवं माध्यमिक विद्यालय के 13 कमरे सहित कुल 346 कमरे जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं।
इन कमरों को समतल करने के निर्देश दिए गए हैं परन्तु अभी तक इन्हें समतल नहीं किया गया है। इनमें अलनावर में 42, धारवाड़ शहर में 28, धारवाड़ ग्रामीण में 61, हुब्बल्ली शहर में 7, हुब्बल्ली ग्रामीण में 37, कलघटगी में 68, कुंदगोल में 43, नवलगुंद में 27, अन्निगेरी क्षेत्र में 33 कमरे जर्जर हालत में हैं।
धारवाड़ जिले के 79 स्कूलों के 662 कमरों में से 257 कमरों की तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है, जिसके लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है और एक प्रस्ताव सौंपा गया है।
इनमें हुब्बल्ली ग्रामीण में इंगलहल्ली, हेबसूर, मल्लिगवाड, धारवाड़ ग्रामीण में यादवाड़, कुरुबगट्टी, उप्पिनबेटगेरी शताब्दी (सेंचुरी) स्कूल, तडक़ोड, अम्मिनबावी, कलघटगी में डोरी, कंबारगणवी, मुगद, बाड़, गंभ्यापुर, बेगूर, लिंगनकोप्पा, मिश्रिकोटी, हुलगिनकट्टी, कुंदगोल में यलिवाल समेत जिले के ग्रामीण और हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर में स्थित विभिन्न स्कूलों के कमरों को मरम्मत की जरूरत है।
स्कूल भवनों की स्थिति की जांच करने का जिलाधिकारी का आदेश
अभी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही हैं, स्कूल भवनों की स्थिति की जांच करने और बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उचित कार्रवाई करने का जिलाधिकारी गुरुदत्त हेगड़े ने स्कूल शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है। इस संबंध में उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के उप निदेशक और सभी तालुकों के क्षेत्र शिक्षा अधिकारियों को शपथपत्र जारी किया है। बारिश शुरू होने के कारण अपने तालुकों में स्थित प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की अच्छी स्थिति के बारे में नोडल अधिकारी क्षेत्र संसाधन अधिकारी, ब्लॉक स्तर के संसाधन अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश दिया है। जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों की स्थिति के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने के साथ क्षतिग्रस्त भवन होने पर ऐसे भवनों में कक्षाएं संचालित न हों इस बारे में सुनिश्चित करना चाहिए। इन इमारतों के पुनर्निर्माण और मरम्मत होने तक पढ़ाई में कोई व्यवधान न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने में आवश्यक सावधानी और सुरक्षा कार्रवाईयों को करने का आदेश दिया है।
बोगूर की स्कूल में गिरा छत का प्लास्टर
धारवाड़ ग्रामीण क्षेत्र के बोगूर सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में बुधवार सुबह 8वीं कक्षा के छात्रों के लिए ई-विद्यालोक ऑनलाइन कक्षा के दौरान लगातार बारिश के कारण एक कमरे के छत का प्लास्टर गिर गया। परिणामस्वरूप, स्कूल के कक्षा 8 के छात्र मडिवालप्पा तिरुकप्पा निटगल को माथे और नाक पर मामूली चोटें आईं और डॉक्टर से उसका इलाज कराया गया।
जल्द से जल्द मरम्मत कराएं
मनगुंडी सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय ने एक शताब्दी देखी है और स्कूल के कमरे जर्जर हालत में हैं। स्कूल के कुल 20 कमरों में से 10 कमरे जर्जर हालत में हैं और बाकी कमरों की भी मरम्मत की जरूरत है। अब खतरे की स्थिति वाले कमरों की जल्द से जल्द मरम्मत करानी चाहिए।
-निंगप्पा हडपद, अध्यक्ष, एसडीएमसी, मनगुंडी
प्रधानाध्यापक और सह शिक्षकों को दी चेतावनी
बोगूरु स्कूल घटना के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त को रिपोर्ट सौंपी गई है। इस स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक कुल 208 बच्चे हैं, 7 शिक्षण कक्ष, 1 प्रधानाध्यापक का कक्ष है। 7 कमरों में से 4 कमरों की मरम्मत की आवश्यकता है, इसलिए कक्षा समायोजन कर बहु-कक्षा शिक्षण पद्धति के माध्यम से कक्षा प्रबंधन को अस्थायी रूप से संचालित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा प्रधानाध्यापक और सह शिक्षकों को चेतावनी दी गई है कि बच्चों को ऐसे कमरों में न बिठाएं, जो किसी भी कारण से गिरने की स्थिति में हों।
-एस.एस. केलदिमठ, डीडीपीआई, धारवाड़