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हुबली

वित्तीय संकट के कारण स्नातक की पढ़ाई बंद

शहर की महिला विद्यापीठ ने वित्तीय संकट के बहाने चालू वर्ष से स्नातक की पढ़ाई बंद करने और प्रवेश (द्वितीय, तृतीयक डिग्री) लेने वाली छात्राओं को जेसी नगर स्थित महिला महाविद्यालय में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।

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महिला विद्यापीठ
द्वितीय और तृतीय वर्ष की छात्राएं जेसी नगर स्थित महिला कॉलेज में ट्रांसफर

हुब्बल्ली. शहर की महिला विद्यापीठ ने वित्तीय संकट के बहाने चालू वर्ष से स्नातक की पढ़ाई बंद करने और प्रवेश (द्वितीय, तृतीयक डिग्री) लेने वाली छात्राओं को जेसी नगर स्थित महिला महाविद्यालय में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।

स्थानांतरण के विरोध में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले छात्राओं ने महिला विद्यापीठ के प्रशासनिक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन दिया। प्रबंधन बोर्ड के फैसले पर आक्रोश जताते हुए छात्रओं ने प्रबंधन बोर्ड को अपने फैसले से पीछे हटने, स्नातक के शेष दो वर्ष पूरे होने तक जारी रखने का अनुरोध किया।

कॉलेज प्रशासन ने कहा बंद करना जरूरी

छात्रा रेणुका हट्टी ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रशासनिक अधिकारी ने स्नातक की पढ़ाई बंद करने की जानकारी दी, डर के मारे हम सभी ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रशासन मंडल ने नुकसान का हिसाब दिखाकर कहा है कि बंद करना अनिवार्य है। प्राध्यापकों के नहीं आने से पढ़ाई में दिक्कत होगी, इसके चलते शहर के जेसी नगर स्थित महिला महाविद्यालय में स्थानांतरित किया जाएगा।

हम चंदा इकट्ठा करके पैसे देंगे

छात्रा अनुषा कलाल ने कहा कि स्नातक शिक्षा के बोझ के बारे में उन्होंने बताया है कि अक्कमहादेवी विश्वविद्यालय को पत्र लिखा है। हमारी मांग है कि छात्राओं के समर्थन में ही जवाब आना चाहिए। हम जल्द ही अक्कमहादेवी विश्वविद्यालय, विजयपुर का दौरा कर छात्राओं के हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपेंगे। अगर वे नुकसान के बहाने डिग्री कोर्स बंद कर देते हैं, तो हम सभी चंदा इकट्ठा कर उस पैसे का भुगतान करेंगे।

विश्वविद्यालय से जवाब मिलने पर लेंगे फैसला

इस बारे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विद्यापीठ की उपाध्यक्ष कीर्ति तंबद ने कहा कि नुकसान के कारण 2018 में ही स्नातक शिक्षा रोकने की योजना थी। छात्राओं की संख्या बढ़ेगी जानकर हमने इतने वर्षों तक जारी रखा है। साल दर साल छात्राओं की संख्या कम होने से घाटे का बोझ बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर पूछा गया है कि क्या किया जा सकता है। जवाब मिलने के बाद हम उचित फैसला लिया जाएगा।

1.25 करोड़ रुपए का घाटा

संस्थान को स्नातक शिक्षा से अब तक 1.25 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। हर साल 1.80 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं। छात्राओं को भी हमारी स्थिति समझनी चाहिए। हम स्थानांतरण होने वाली प्रत्येक छात्रा के स्थानांतरण शुल्क सहित हर जिम्मेदारी लेंगे।

प्रदर्शन में छात्रा श्वेता लक्कुंडी, प्रीति कुम्बारा, शाहीन नदाफ समेत द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की स्नातक छात्राओं ने भाग लिया था।