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पांच रुपए में एक घंटे साइकिल की सवारी

विश्व साइकिल दिवस पर विशेष 34 साइकिल स्टैंड, 340 साइकिलें हुब्बल्ली-धारवाड़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा शासन-प्रशासन की पहल रंग ला रही

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Hubballi Dharwad Public Bicycle Sharing (HDPBS) system

Hubballi Dharwad Public Bicycle Sharing (HDPBS) system

हुब्बल्ली. साइकिल चलाने को प्रमोट करने की शासन-प्रशासन की पहल धीरे-धीरे रंग ला रही है। हुब्बल्ली-धारवाड़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सार्वजनिक साइकिल शेयर प्रणाली जिसे सवारी नाम दिया गया है, अब लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगी है। ट्रिनिटी टेक्नोलोजी एंड सॉफ्टवेयर सोल्युशन ने इसे डिजाइन किया है तथा इसका संचालन कर रहा है। रोजाना करीब दो सौ से अधिक साइकिल सवार साइकिल की सवारी कर रहे हैं। रविवार एवं छुट्टी के दिन साइकिल की सवारी करने वालों की संख्या बढ़ जाती है। एक बार में अधिकतम तीन घंटे तक साइकिल चला सकते हैं। साइकिल पर एक सवारी ही यात्रा कर सकती है। अगले हिस्से में बास्केट भी रखी होती है जिसमें कुछ सामान रखा जा सकता है। 14 साल एवं इससे ऊपर आयु वर्ग के लिए साइकिल की सवारी प्रदान की जाती है।
साइकिल में तीन गियर है और उसे आसानी से चलाया जा सकता है। शुरुआती पंजीयन के दौरान साइकिल के बारे में प्रारम्भिक जानकारी भी मुहैया करवाई जाती है। पंजीयन के बाद एक स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है। इसे साइकिल के बॉक्स पर स्केन करने पर साइकिल का ताला खुल जाता है। अंग्रेजी एवं कन्नड़ दोनों भाषाओं में संदेश लिखे हैं। इसमें किसी तरह की दिक्कत होने पर हेल्पलाइन नंबर या ऑनलाइन पोर्टल से मदद ली जा सकती है।
सवारों की मदद के लिए चार टीमें
साइकिलों के रखरखाव एवं साइकिल सवारों की मदद के लिए बकायदा विशेष टीमें हैं। इनमें एक टीम वर्कशॉप में साइकिल की टूट-फूट होने पर उसे दुरुस्त करती है। दूसरी टीम कॉल सेन्टर पर साइकिल सवारों की मदद के लिए तैयार रहती है। साइकिल का ताला नहीं खुलने या बन्द नहीं होने या अन्य तकनीकी खामियों को दुरुस्त करने में मदद करती है। तीसरी टीम साइकिल स्टैण्डों पर इस बात का ध्यान रखती हैं कि किसी स्टेशन पर साइकिलों की कमी तो नहीं है। कई बार किसी स्टैण्ड पर साइकिल नहीं होने या कम साइकिलें होने पर उस स्टैण्ड पर अतिरिक्त साइकिलें रखी जाती हैं। चौथी टीम मेंटेनेन्स टीम हैं जो मौके पर जाकर साइकिल सवार को तकनीकी सपोर्ट प्रदान करती है।
पहले पंजीयन जरूरी
साइकिल चलाने के लिए पहले पंजीयन जरूरी होता है। अब तक पंजीयन के लिए स्मार्ट सिटी कार्यालय या तोलेनकैरे साइकिल स्टैण्ड पर जाना पड़ता था। वहां तीन सौ रुपए शुल्क के साथ आधार कार्ड दिखाने तथा फोटो खींचने के बाद स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है। इस तीन सौ रुपए की राशि में 100 रुपए रिचार्ज की राशि, 100 रुपए एक साल के लिए बीमा तथा 100 रुपए स्मार्ट कार्ड के लिए है। एक साल बाद फिर से पंजीयन करवाना होता है। इसके लिए 100 रुपए प्रोसेसिंग शुल्क तथा 100 रुपए बीमा राशि के लिए देने होते हैं।

ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया
अब ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया 3 जून से शुरू की जा रही है। सवारी बाइक ऐप में जाकर सीधा पंजीयन किया जा सकेगा। ऐप में समूची जानकारी भी होगी। जो महंगे पेट्रोल के वाहनों को अफोर्ड नहीं कर सकते हैं, उनके लिए साइकिल की सवारी बेहतरीन फायदे का सौदा है। दफ्तर जाने के लिए भी साइकिल काम में ले सकते हैं। फिटनस के लिए भी साइकिल की सवारी की जाने लगी है। यातायात के दौरान साइकिल की सवारी आसान हो जाती है।
महेश काप्से, परियोजना प्रबंधक, सवाई साइकिल।

विभिन्न अवसरों पर जागरुकता के कार्यक्रम
हमारा मकसद यही है कि शहर प्रदूषण मुक्त रहे। इसलिए कोशिश रहती है कि साइकिल की तरफ लोगों को झुकाव हो। शहर में 34 स्थानों पर साइकिल के लिए पोइन्ट बनाए गए हैं। इन स्थानों पर जाकर साइकिल प्राप्त की जा सकती है। साइकिल दैनिक कार्यों के लिए काम में लेने के साथ ही लोग अपने सेहत के लिए भी इसे काम में ले रहे हैं। हम कई अवसरो पर साइकिल चलाने को प्रमोट करने के लिए भी कई इवेंट कर रहे हैं। चुनाव के समय भी इसी तरह का आयोजन किया गया था। इससे लोगों में साइकिल चलाने के प्रति जागरुकता बढ़ती है।
प्रियंगा एम., आइएएस, प्रबंध निदेशक, हुब्बल्ली-धारवाड़ स्मार्ट सिटी।