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किम्स को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर की रक्त जांच मशीन

किम्स को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर की रक्त जांच मशीन-एक घंटे में एक हजार नमूनों की होगी जांच-प्रतिदिन किम्स में आते हैं लगभग 1500 बाहरी मरीज हुब्बल्ली

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किम्स को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर की रक्त जांच मशीन

हुब्बल्ली
एक घंटे में खून के लगभग एक हजार नमूनों की जांच करने वाली अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता की दो मशीनों को कर्नाटक चिकित्सा विज्ञान संस्था (विम्स) की केंद्रीय प्रयोगशाला के पैथोलोजी विभाग में स्थापित किया गया है। मशीनों ने कार्य आरम्भ कर दिया है। यह मशीन रक्त कोशिका में छिपी बेहद संवेदनशील रोगकारक कोशिकाओं तथा दोष का स्पष्ट तौर पर पता लगाएगी। एक कम्प्यूटर तथा प्रिंटर भी इस मशीन के साथ होने से तुरन्त खून की जांच रिपोर्ट मिलेगी।
स्वयं विश्लेषक रक्त परीक्षक व्यवस्था होने से इस मशीन से एक ही घंटे में पुख्ता जानकारी मिल रही है। हार्मोन के स्तर को छोड़कर, लिपिड प्रोफाइल, यौन संक्रमण बीमारी समेत अन्य संक्रमणों का शीघ्र पता लगा सकते हैं। इस मशीन में दस लाख रक्त परीक्षणों की रिपोर्ट संग्रह कर सकते हैं।

प्रतिदिन किम्स में आते हैं लगभग 1500 बाहरी मरीज


प्रतिदिन किम्स में लगभग 1500 बाहरी मरीज आते हैं। उनमें न्यूनतम 200 जनों की रक्त परीक्षण के लिए सिफारिश की जाती है। गर्भवतियों, भीतरी मरीजों समेत 1500 नमूनों की जांच कराई जाती है। पूर्व में प्रतिदिन तीन सौ जनों के रक्त का ही परीक्षण करने की व्यवस्था थी। बहुत सारे लोगों को समय पर मदद नहीं मिलती थी। ऐसे में लोग बाहर जांच करवाने के लिए जाते थे। इस मशीन से ऐसी अनिवार्यता से छुटकारा मिला है।
रामलिंगप्पा अटरतानी, निदेशक किम्स
.........बाक्स में लगाएं

जर्मनी कम्पनी करेगी इसका रखरखाव


किम्स के पैथोलोजी विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि हर मशीन को 40 लाख रुपए देकर खरीदा गया है। जर्मनी की एक कम्पनी पांच वर्ष तक इसका रखरखाव करेगी। मशीन के इस्तेमाल के बारे में किम्स में स्थित कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है। अब प्रतिदिन न्यूनतम 1500 से 18 00 जनों के खून की जांच की जा रही है। हार्मोन के परीक्षण के लिए एक और पृथक निविदा आमंत्रित करने का किम्स प्रशासन मंडल ने फैसला लिया है। वह भी जर्मन मूल की मशीन है जिसकी अनुमानित लागत 37 लाख रुपए है।