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पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहे कर्नाटक के पर्वतीय स्थल

युवाओं का आकर्षण अधिक, छुट्टियों में बना रहे घूमने का प्लान अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस पर विशेष

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International Mountain Day

Hampi

कर्नाटक पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक है। पर्यटन के लिहाज से देखा जाएं तो देश का यह पांचवा राज्य है। भारत के 3,600 केंद्रीय संरक्षित ऐतिहासिक स्मारकों में से 507 कर्नाटक में स्थित हैं। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरे कर्नाटक में कई पर्वतीय स्थल पर्यटकों का आनन्द दुगुना कर देते हैं। कूर्ग कर्नाटक के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। कॉफी के लिए मशहूर कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। एबी फॉल्स, इरुप्पू फॉल्स और होननामना केर झील कूर्ग में देखने लायक जगहें हैं। हर साल 11 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस मनाया जाता है। पिछले कुछ सालों में पर्वतीय पर्यटन की लोकप्रियता में इजाफा देखा गया है। ये वहां रहने वाले लोगों के लिए आर्थिक महत्व रखता है क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलती है।
नंदी हिल्स देश के खूबसूरत जगह में से एक
मैसूर देश के सबसे अधिक देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है। ये स्थान अपनी शानदार वास्तुकला और इतिहास के लिए मशहूर है। आगरा के ताजमहल के बाद मैसूर के मैसूर महल को सबसे खूबसूरत वास्तुशिल्प माना जाता है। कर्नाटक के नंदी हिल्स की गिनती भारत की सबसे खूबसूरत जगहों में की जाती है। यहां की हरियाली और सुंदर दृश्य मन को मोह लेते हैं। यहां बहुत सारे प्राचीन और आकर्षक मंदिर स्थित हैं। इसके अलावा पहाड़ों पर स्थित नंदी किला यहां देखने लायक जगह है। यह एक प्राचीन किला है, जिसे टीपू सुलतान ने बनवाया था।
हम्पी यूनेस्को की विश्व धरोहर में
उडुपी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। उडुपी में एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है जिसका इतिहास 700 वर्ष से अधिक पुराना है। कर्नाटक का तटीय शहर मंगलूरु पूरे साल दक्षिण भारत में प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है। विजयनगर के मध्यकालीन हिंदू साम्राज्य के खंडहरों के कारण हम्पी शहर को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है।
पचास रुपए के नोट पर हम्पी के रथ की तस्वीर
हुब्बल्ली में निवास कर रहे राजस्थान के बालोतरा जिले के हलिया निवासी टीकम सिंह राजपुरोहित कहते हैं, पचास रुपए के नए नोट पर हम्पी के पत्थर रथ की तस्वीर है। इसे यूनेस्को ने विश्व की अनमोल धरोहरों की लिस्ट में शामिल किया है। कहते हैं जब राम लक्ष्मण के साथ सीता को ढूंढने निकले थे, तब राम बाली और सुग्रीव से मिलने यहां आए थे। बाद में राम ने उनके साथ मिलकर वानरों की सेना बनाई थी। इतिहास और कल्चर रामायण काल से जुड़ा है। पत्थर का बना रथ वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। पत्थर को तराशकर इसमें मंदिर बनाया गया है, जो रथ के आकार में है। यहां गरुड़ की एक बड़ी मूर्ति और खूबसूरत पत्थर का रथ है। इस मंदिर में भगवान विष्णु के वि_ल अवतार की पूजा होती है। ये 15वीं सदी में बना मंदिर है, जिसे कुछ राजाओं ने अपने शासन काल में और भी खूबसूरत बनाया है। इसे देखने हर साल लाखों लोग आते हैं।