
Karnataka's Shruti got success in sixth attempt, 362nd rank
हुब्बल्ली. कर्नाटक के बेलगावी जिले के तल्लुर की श्रुति यारागट्टीज को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में छठे प्रयास में सफलता मिली। पहले तीन प्रयासों में वे प्रिलिम्स भी क्लीयर नहीं कर पाई लेकिन पिछले तीन साल से वह लगातार साक्षात्कार दे रही है। बेलगावी जिले के सिलदान स्थित डा. गंगाधर अंग्रेजी माध्यम विद्यालय से स्कूली शिक्षा हासिल की। स्कूल शिक्षक सिद्धु भजन्त्री से वह बहुत प्रभावित हुई। श्रुति ने 2015 में धारवाड़ के कर्नाटक कॉलेज से बीएससी कीष इसके बाद से यूपीएससी की परीक्षा दे रही है। एक साल दिल्ली में कोचिंग ली। इसके बाद बेंगलूरु में सेल्फ स्टडी की। यूपीएससी में उन्होंने एन्थ्रोलोजी विषय लिया। यह विषय पढऩे में आसान है।
सैलेबस को समझना जरूरी
श्रुति कहती है, लगातार छह साल तक का सफर काफी कठिन जरूर था। परिवार का पूरा सपोर्ट मिला। परिवार का कोई प्रेशर भी नहीं था। इस दौरान सामाजिक समारोहों से भी दूर रहींं। यूपीएससी क्लियर करना एक सपना था। इसी जुनून के चलते पूरा कर पाई।
वे कहती है, यूपीएससी के सैलेबस को समझना जरूरी है। इसके बेसिक कान्सेप्ट को समझें। पुराना प्रश्न पत्र हल करें। लिखने का अभ्यास निरंतर करते रहें। मैंने रोजाना करीब दस घंटे तक पढ़ाई की। इस दौरान फेसबुक व इन्स्टाग्राम से दूर रही। अभी कुछ दिन पहले ही इनके अकाउन्ट खोले हैं।
मेहनत का कोई विकल्प नहीं
श्रुति कहती हैं, मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कठिन परिश्रम ही आपको सफलता दिलाता है। पिता शिवानन्द प्राइमरी स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षक है। माता मोहनन्दा गृहिणी है। बहन प्रीति ने बीएड की है तथा वर्तमान में एक निजी स्कूल में अध्यापन का काम कर रही है। छोटे भाई अरुण ने बीएससी (होर्टिकल्चर) किया है। जबकि विरेश बीए करने के बाद हैदराबाद में यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।
Published on:
24 May 2023 06:41 pm
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