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केजरीवाल बोले-मंत्रियों को मुफ्त बिजली तो नागरिकों को क्यों नहीं

केजरीवाल बोले-मंत्रियों को मुफ्त बिजली तो नागरिकों को क्यों नहीं

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हुबली

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S F Munshi

Nov 19, 2021

केजरीवाल बोले-मंत्रियों को मुफ्त बिजली तो नागरिकों को क्यों नहीं

केजरीवाल बोले-मंत्रियों को मुफ्त बिजली तो नागरिकों को क्यों नहीं

केजरीवाल बोले-मंत्रियों को मुफ्त बिजली तो नागरिकों को क्यों नहीं
-भाजपा को झटका, विश्वजीत राणे आप में शामिल
पणजी
गोवा में भाजपा को मंगलवार को उस वक्त झटका लगा, जब पार्टी के नेता विश्वजीत राणे ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मौके पर कहा कि बीजेपी और कांग्रेस कहते हैं कि केजरीवाल सब कुछ फ्री बांट रहा है। मैं उन नेताओं से पूछना चाहता हूं कि एक-एक मंत्री को हर महीने 3,000 यूनिट बिजली फ्री मिलती है और अगर मैं अपने नागरिकों को हर महीने 300 यूनिट फ्री देना चाहता हूं तो इसमें क्या गलत है?
केजरीवाल की मौजूदगी में उत्तरी गोवा के सट्टारी में आयोजित कार्यक्रम में विश्वजीत राणे ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली। केजरीवाल ने राणे का स्वागत किया। विश्वजीत कृष्णराव राणे, एक स्थानीय भाजपा नेता हैं। गोवा में अगले कुछ माहों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए राज्य में सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। आप, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना समेत सभी दल राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा नीत गठबंधन को घेरने में जुटे हैं।
उत्तरी गोवा जिले के पोरीम विधानसभा क्षेत्र में एक सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के एक भाजपा मंत्री ने हाल ही में आप के गोवा में सत्ता में आने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे पर आपत्ति जताई थी। दिल्ली के सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि जब एक मंत्री को हर महीने 3,000 यूनिट बिजली मुफ्त मिल सकती है, तो मैं आम आदमी को 300 यूनिट क्यों नहीं दे सकता? केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य गोवा में भ्रष्टाचार को खत्म करना है।
मैं आम आदमी हूं
केजरीवाल ने सभा में कहा, 'मैं राजनेता नहीं हूं। मैं नेता नहीं हूं। उन्होंने कहा, मैं आप सभी की तरह एक 'आम आदमी' हूं। दस साल पहले, कांग्रेस और भाजपा के बीच एक सेटिंग थी, जो हर पांच साल में वैकल्पिक रूप से सत्ता साझा करते थे। हमने दिल्ली में सबसे अच्छी सरकार दी है। हमने बेहतरीन सरकारी स्कूल दिए हैं। अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकाल कर सरकारी स्कूलों में दाखिला देना शुरू कर दिया है।