
Maharana Pratap Jayanti 2023 in India will be celebrated on May 22
हुब्बल्ली. राजस्थान राजपूत समाज संघ हुब्बल्ली तथा राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संंयुक्त तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर 22 मई को सायं 5 से 5.30 बजे तक हुब्बल्ली के गब्बुर गली स्थित रामदेव मंदिर में संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
राजस्थान राजपूत समाज संघ हुब्बल्ली के अध्यक्ष परबतसिंह खींची ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को महान वीर योद्धा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। ऐसे में इस वर्ष 22 मई को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जा रही है। शौर्य और साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप और अन्य योद्धाओं का जीवन प्रेरक था। इनके योगदान की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। महाराणा प्रताप के शौर्य से जन-जन को अवगत करवाना जरूरी है। संगोष्ठी में महाराणा प्रताप के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
खींची ने बताया कि महाराणा प्रताप मुगलों के खिलाफ युद्ध लड़े। मुगल सम्राट अकबर को रणभूमि में कई बार टक्कर दी। महाराणा प्रताप ने अकबर के सामने कभी घुटने नहीं टेके, इसके एवज में वह परिवार संग जंगलों में भटके। उनके शौर्य और वीरता की कहानी इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।
राजस्थान राजपूत समाज संघ हुब्बल्ली के सह सचिव रिड़मल सिंह सोलंकी ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती महोत्सव के मौके पर आयोजित संगोष्ठी मे विभिन्न राजस्थानी समाज एवं संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की तस्वीर के सामने पूजन व दीप प्रज्वलन के बाद संगोष्ठी की शुरुआत होगी। आज भी महाराणा प्रताप को एक बहादुर और वीर योद्धा के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपने लोगों और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी।
सोलंकी ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती को राजस्थान और अन्य राज्यों में बहादुर राजा के सम्मान और स्मरण के दिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने कभी मुगलों के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। महाराणा प्रताप जयंती अत्याचार के खिलाफ बहादुरी और प्रतिरोध की भावना का जश्न मनाने का दिन है। यह भारत के लोगों को स्वतंत्रता और संप्रभुता के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है जिसकी रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने बहुत संघर्ष किया। हम उनकी वीरता को याद करें और उनके पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करें।
Published on:
18 May 2023 09:21 pm
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