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महाराणा प्रताप जयंती पर निकलेगी शोभायात्रा, रास्ते में कई जगह होगा स्वागत

महाराणा प्रताप जयंती पर निकलेगी शोभायात्रा, रास्ते में कई जगह होगा स्वागत

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Maharana Pratap Jayanti 2023 in India will be celebrated on May 22

Maharana Pratap Jayanti 2023 in India will be celebrated on May 22

हुब्बल्ली. महाराणा प्रताप की 483 वीं जयंती के उपलक्ष्य में 22 मई को शोभायात्रा समेत कई आयोजन होंगे। यहां स्थानीय राजपूत समाज की ओर से इस दिन सुबह 10 बजे महाराणा प्रताप सर्किल से शोभायात्रा निकाली जाएगी।
स्थानीय राजपूत समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष ऊमेश सिंह अंगड़ी ने बताया कि समारोह का शुभारम्भ हुब्बल्ली के कोर्ट सर्किल स्थित स्थित महाराणा प्रताप सॢकल के पास होगा। समारोह में हुब्बल्ली-धारवाड़ सेन्ट्रल से विधायक महेश टेंगिनकाई, हुब्बल्ली-धारवाड़ पूर्व से विधायक प्रसाद अभया, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर पालिका के सदस्य विरण्णा सवड़ी, स्वर्ण ग्रुप ऑफ कंपनिज हुब्बल्ली के प्रबंध न्यासी डा. वीएसवी प्रसाद, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर पालिका के सदस्य संतोष चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। डा. मल्लिाकार्जुन बालिकाई मुख्य वक्ता होंगे। समारोह की अध्यक्षता स्थानीय राजपूत समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष ऊमेश सिंह अंगड़ी करेंगे। सुभाषसिंह जमादार शोभायात्रा का उद्घाटन करेंगे। समारोह को लेकर स्थानीय राजपूत समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष ऊमेश सिंह अंगड़ी, उपाध्यक्ष किरणसिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष सुरजीतसिंह ठाकुर, प्रधान कार्यदर्शी रजतसिंह हजारे, सह कोषाध्यक्ष सुमित सिंह कल्लूर, स्थानीय राजपूत समाज महिला मंडल हुब्बल्ली की अध्यक्ष शोभाबाई किल्लेदार, राजस्थान राजपूत समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष परबतसिंह खींची समेत अन्य पदाधिकारी तैयारियों में लगे हुए हैं।
स्थानीय राजपूत समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष ऊमेश सिंह अंगड़ी ने बताया कि शोभायात्रा महाराणा प्रताप सॢकल से रवाना होकर साई मंदिर, वृन्दावन सॢकल, दुर्गतबेल होते हुए अरविन्द नगर पहुंचकर संपन्न होगी। शोभायात्रा में रास्ते में कई जगहों पर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती अत्याचार के खिलाफ बहादुरी और प्रतिरोध की भावना का जश्न मनाने का दिन है। यह भारत के लोगों को स्वतंत्रता और संप्रभुता के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है जिसकी रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने बहुत संघर्ष किया। हम उनकी वीरता को याद करें और उनके पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को महान वीर योद्धा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। ऐसे में इस वर्ष 22 मई को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जा रही है। शौर्य और साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप और अन्य योद्धाओं का जीवन प्रेरक था। इनके योगदान की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। महाराणा प्रताप के शौर्य से जन-जन को अवगत करवाना जरूरी है। संगोष्ठी में महाराणा प्रताप के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।