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भाजपा के लिए ओबीसी की उपेक्षा बन सकती है गले की फांस

जिले में दो आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के अलावा शेष पांच निर्वाचन क्षेत्रों में से एक में भी पिछड़ा वर्ग को टिकट नहीं मिलने से भाजपा के पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ता मायूस हैं। अभी भी समय है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि किसी निर्वाचन क्षेत्र में किसी पिछड़े वर्ग को टिकट देकर सामाजिक न्याय प्रदान करना चाहिए

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भाजपा के लिए ओबीसी की उपेक्षा बन सकती है गले की फांस

भाजपा के लिए ओबीसी की उपेक्षा बन सकती है गले की फांस


पिछड़ा वर्ग कार्यकर्ताओं में छाई मायूसी

दावणगेरे. जिले में दो आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के अलावा शेष पांच निर्वाचन क्षेत्रों में से एक में भी पिछड़ा वर्ग को टिकट नहीं मिलने से भाजपा के पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ता मायूस हैं। अभी भी समय है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि किसी निर्वाचन क्षेत्र में किसी पिछड़े वर्ग को टिकट देकर सामाजिक न्याय प्रदान करना चाहिए। वरना पार्टी के खिलाफ मतदान करना अनिवार्य हो जाएगा। मायकोंड एससी रिजर्व, जगलूरु एसटी रिजर्व निर्वाचन क्षेत्र हैं। दावणगेरे उत्तर से लोकिकेरे नागराज (सादर), दावणगेरे दक्षिण से बी.जी. अजयकुमार (पंचमसाली), हरिहर में बी.पी. हरीश (सादर), होन्नाली में एमपी रेणुकाचार्य (जंगम), चन्नगिरी में एच. शिवकुमार (सादर) को टिकट दिया गया है।

चुनाव के दौरान उपजे इस असंतोष का समाधान नहीं किया गया तो भाजपा पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की संभावना है।दावणगेरे दक्षिण में 1.48 लाख, दावणगेरे उत्तर में 1.18 लाख, होन्नाली में 1.73 लाख, हरिहर में 96,000, चन्नगिरी में 1.32 लाख, मायकोंड में 1.10 लाख, जगलूरु में 83,000 जने पिछड़े वर्ग के हैं। जिले की जनसंख्या में पिछड़े वर्ग का अनुपात 68 प्रतिशत है।भाजपा के पिछड़े वर्ग कार्यकर्ता निंगप्पा एनजे, गुड्डप्पा समेत अन्य लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय अधिनियम के तहत ओबीसी को कम से कम 3 सीटें देनी चाहिए। सभी पांच निर्वाचन क्षेत्रों में, भाजपा ने कम से कम एक सीट भी दिए बिना केवल वीरशैव-लिंगायत समुदाय को टिकट दिया है। इसे ठीक करने का अवसर है। वरना न केवल इस चुनाव में बल्कि अगले साल के लोकसभा चुनावों में भी भाजपा के खिलाफ मतदान करना अनिवार्य होगा। वेंकटेश, सिद्धप्पा बीएच, परशुराम आदि ने नाराजगी जतायी।

जद-एस: सूची में किसी का नाम, पर्चा किसी और ने भरा

जेडीएस की ओर से जारी पहली सूची में दावणगेरे दक्षिण के लिए जे. अमानुल्लाह खान के नाम की घोषणा की गई थी परन्तु सोमवार को एम. राजासाहब ने नामांकन पत्र सैंपा है और जेडीएस उम्मीदवार होने का दावा किया है। राजासाहब ने दावा किया है कि वे ही जेडीएस के आधिकारिक उम्मीदवार हैं। जेडीएस की ओर से कोई और चुनाव नहीं लड़ेगा। निर्वाचन क्षेत्र के जेडीएस अध्यक्ष अमानुल्लाह खान ने कहा कि राजासाहब हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। जिसे भी बी फॉर्म मिलेगा वही आधिकारिक उम्मीदवार होता है। राजासाहब को मिलने पर मैं खुश हूं। मैं उनके लिए काम करूंगा। अगर मुझे मिला तो वे मेरे लिए काम करेंगे।