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पेंटिंग के क्षेत्र में पहचान बना रही निधि कांकरिया

प्रकृति पर आधारित पेंटिंग अधिक, अब तक 15 पेंटिंग तैयार की उभरती प्रतिभा

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Nidhi Kankariya

Nidhi Kankariya

कहते हैं कि जिस काम में रुचि हो उसे यदि पूरे मन के साथ किया जाएं तो सफलता मिलने के आसार बढ़ जाते हैं। कुछ ऐसा ही करके दिखाया है राजस्थान मूल की हुब्बल्ली प्रवासी निधि कांकरिया ने। निधि ने पेंटिंग के क्षेत्र में छोटी उम्र में बड़ी महारत हासिल कर ली है। उनकी प्रकृति पर आधारित पेंटिंग अधिक है। अब तक 15 पेंटिंग तैयार की है। निधि कांकरिया बताती है, कोविड के समय जब पढ़ाई ऑनलाइन हुई तो मेरा अधिकांश समय घर पर बीत रहा था। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई के बाद जब समय बचता तो मैं पेंटिंग बनाने लगती। कोविड के बाद मैंने पहली पेंटिंग प्रकृति पर आधारित बनाई जिसमें उगते सूरज को दर्शाया गया था जो सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस पेंटिंग की मुझे जब खूब सराहना मिली तो मेरा उत्साह बढ़ता गया। अब तक तीन साल में मैंने करीब 15 पेंटिंग तैयार कर ली है। इसमें देवी-देवताओं के साथ ही प्रकृति पर आधारित व अन्य पेंटिंग शामिल है। मैंने गणपति, गौतम बुद्धा व गिरनार पर भी सुन्दर पेंटिंग तैयार की है। मैं कैनवास बोर्ड पर पेेंटिंग तैयार करती हूं। अब मुझे पेेंटिंग के ऑर्डर भी मिलने लगे हैं। निधि कहती हैं, मेरे भाई नमन कांकरिया ने जब मेरी पेंटिंग देखी तो उन्होंने मुझे इसी क्षेत्र में आगे बढऩे की सलाह दी। तब मैंने पेंटिंग की कक्षाएं ज्वॉइन की। मदीना लक्ष्मेश्वर से मैंने पेेंटिंग की बारीकियां सीखीं।
रोज चार घंटे पेंटिंग
निधि रोजाना तीन से चार घंटे पेंटिंग बनाने में लगाती है। भविष्य में वह इसी क्षेत्र में आगे बढऩे की इच्छुक है। निधि पिछले चार महीने से अपने घर पर ही छोटे बच्चों को पेंटिंग की बारीकियां सीखा रही हैं। उन्हें एक्रेलिक पेटिंग व पोस्टर कलर की बेसिक जानकारी दे रही है। निधि ने हाल ही यहां जीतो की ओर से आयोजित उद्भव प्रदर्शनी में अपनी पेेंटिंग का स्टाल लगाया जिसे खासी सराहना मिली। इससे पहले धारवाड़ में युवा टाइकॉन-2022 में भी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगा चुकी है।
मिल चुके पुरस्कार व सम्मान
निधि कांकरिया को कई पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान 5 दिसम्बर 2022 को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर सेव सोइल विषय पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। निधि ने इसी साल बीकॉम की पढ़ाई पूरी की है। निधि मूल रूप से राजस्थान के सिरोही जिले के आमलारी की रहने वाली है। निधि के पिता अशोक कांकरिया बिजनसमैन तथा माता गुडिय़ा कांकरिया गृहिणी है।
बिन बोले बता देती हैं पेंटिंग
निधि कांकरिया कहती हैं, हम जो मुंह से बोलकर कह नहीं पाते वह पेेंटिंग बिन बोले बता देती है। पेंटिंग के जरिए हम कई नई चीजें सीख सकते हैं। निधि यू-ट्यूब के जरिए भी पेंटिंग के कई नए आइडिया लेती है और पेंटिंग में सुधार करती है।