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प्राकृतिक आपदा प्रबंधन को प्रति तालुक को नोडल अधिकारी नियुक्त

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन को प्रति तालुक को नोडल अधिकारी नियुक्त

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हुबली

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S F Munshi

May 25, 2023

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन को प्रति तालुक को नोडल अधिकारी नियुक्त

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन को प्रति तालुक को नोडल अधिकारी नियुक्त

हुब्बल्ली-धारवाड़
जिलाधिकारी गुरुदत्त हेगड़े ने कहा है कि मानसून पूर्व बारिश शुरू होने के कारण अत्यधिक बारिश से बाढ़ के हालात होने पर उसका सक्षम रूप से राहत कार्य कर आमजन को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने की दिशा में सतर्कता बरतनी चाहिए। इस संबंधित प्रति तालुक को एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करना चाहिए।
वे धारवाड़ में जिलाधिकारी कार्यालय सभा भवन में जिला आपदा प्रबंधन प्रधिकरण की बैठक की अध्यक्षता कर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से बाढ़ के हालातों का सामना करने के लिए आवश्यक तैयारियां करलेनी चाहिए। जिले में मानसून पूर्व बारिश शुरू होगई है। किसान बुवाई के लिए भूमि तैयार कर रहे हैं। अत्यधिक बारिश के कारण नुकसान या बाढ़ होने पर ठोस कदम उठाने की दिशा में तालुक प्रशासन विभिन्न विभागों के सहयोग में कार्य करना चाहिए। समन्वय तथा सही मार्गदर्शन के लिए प्रति तालुक को एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर आदेश किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में अत्यधिक बारिश तथा बाढ़ के चलते नुकसान तथा समस्या होने वाले इलाकों को चिन्हित कर तहसीलदार तथा ईआ को उन इलाकों का दौरा कर समीक्षा करनी चाहिए। नुकसान फिर से ना हों इस दिशा में जरूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।
शहर एवं गांव के तालाबों की करें समीक्षा
उन्होंने कहा कि बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचने के लिए एहतियाती उपाय बरतने चाहिए। इस दिशा में संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रवृत होना चाहिए। बाढ़ के चपेट में आने वाले इलाकों को पहले ही चिन्हित कर पूर्व सतर्कता कार्रवाई करनी चाहिए। शहर एवं गांव के तालाबों की समीक्षा करनी चाहिए। उनकी सुरक्षा की गारंटी करलेनी चाहिए। बारिश का पानी संग्रह, अतिरिक्त जल को बाहर निकालने के लिए सही मार्ग, तालाब नहीं टूटने को संबंधित उन तालाब प्रबंधन की जिम्मेदारी वाले ग्राम पंचायत, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग तथा स्थानीय निकायों की ओर से जिला प्रशासन को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी चाहिए। आगामी दिनों में तालाब को नुकसान होने के बारे में किसी प्रकार की शिकायतें आने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य तौरपर शहर क्षेत्रों में बाढ़ के कारण जल संग्रह होने वाले निचले इलाकों को चिन्हित कर सिवरेज की व्यवस्था आदि पूर्व सतर्कता कार्रवाई करनी चाहिए। सभी नालियों को संपूर्ण रूप से स्वच्छ कर कृत्रिम बाढ़ के हालात नहीं होने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
हेल्पलाइन की स्थापना
उन्होंने कहा कि सभी तालुकों में बाढ़ संबंधित आपाद मदद की कार्रवाई करने में सुविधा होने के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन की तुरंत स्थापना करनी चाहिए। अत्यधिक बारिश होने को संबंधित उन इलाकों के लोगों को पहले ही चेतावनी देने का कार्य करना चाहिए। बाढ़ के हालात में सुरक्षा कार्रवाई करने के लिए दमकल विभाग, होमगाड्र्स आदि को सतर्क रहना चाहिए। सभी तालुकों को सुरक्षा बोट दिए गए हैं। उनकी कार्य क्षमता की समीक्षा करनी चाहिए। बाढ़ से किसी प्रकार के हादसे नहीं हों इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश के मौसम में आम तौरपर दिखाई देने वाले संक्रमक रोगों को फैलने से रोकथाम के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए। सभी अस्पतालों में आवश्यक औषधियों का संग्रह संबंधित रिपोर्ट लेनी चाहिए। सर्पदंश के इंजेक्षन का संग्रह होना चाहिए। सभी चिकित्सकों को अस्पतालों में रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तूफानी हवाओं के साथ हुई बारिश से गिरे पेड़ों को तुरंत सड़कों से हटाने का कार्य होना चाहिए। सड़क संपर्क कटने के मौके पर वैकल्पिक मार्गों को तुरंत उपलब्ध करना चाहिए। विद्युत खंबे तथा ट्रांसफार्मर आदि टूट कर गिरने पर तुरंत उनको बदल कर विद्युत संपर्क पुन: शुरू करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
एनडीआरएफ दल का दौरा एक जून को
जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी एक जून को आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा से जिले को एनडीआरएफ दल धारवाड़ जिले का दौरा करेगा। जिले के प्रमुख स्थल तथा बाढ़ पीडि़त क्षेत्र में मॉक ड्रिल के जरिए लोगों में जागरूकता पैदा करेंगे।
बिजली से बचने एप का उपयोग करें
जिलाधिकारी ने कहा कि सिड्लु (बिजली एप) एप का इस्तेमाल करने से बिजली के नुकसान से बचा जा सकता है। बिजली गिरने के आधा घंटे पहले उसकी सूचना मिलजाती है। अधिकारी तथा आमजन गुगल प्ले स्टोर से सिड्लु एप डाउन लोड कर इस्तेमाल करना चाहिए।
राहत केन्द्र
अपर जिलाधिकारी शिवानंद भजंत्री ने कहा कि बाढ़ के हालात पैदा होने पर तुरंत राहत केन्द्र खोल कर पीडि़तों की मदद करनी चाहिए।
उप विभागीय अधिकारी अशोक तेली ने कहा कि बेण्णेहल्ला तथा बड़े तालाबों के आसपास के लोगों को बाढ़ के बारे में जानकारी देनी चाहिए। मकान क्षतिग्रस्त प्रकरणों के दर्ज करने में अधिकारियों को सजग होकर वास्तविकता दाखिल करनी चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत उप सचिव रेखा डोल्लिन, कृषि विभाग के सह निदेशक शिवनगौडा पाटील, जिला शहरी विकास कोश के योजना निदेशक श्रवण कुमार नायक, पशु पालन विभाग के उप निदेशक उमेश कोंड्ली, सभी तालुकों के तहसीलदार, लोक निर्माण आरडीपीआर, हेस्काम समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लेकर जानकारी दी।
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