हुबली

एनएसएस के जरिए ग्रामीण जीवन सर्वेक्षण कराने की योजना

राज्य सरकार ने सबसे पिछड़े गांवों के लोगों के जीवन में बदलाव के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के माध्यम से एक नया सर्वेक्षण शुरू करने का फैसला किया है।

2 min read
Oct 08, 2023
एनएसएस के जरिए ग्रामीण जीवन सर्वेक्षण कराने की योजना

कर्नाटक सरकार कर रही तैयारी
उडुपी. राज्य सरकार ने सबसे पिछड़े गांवों के लोगों के जीवन में बदलाव के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के माध्यम से एक नया सर्वेक्षण शुरू करने का फैसला किया है।

गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए राज्य सरकार युवा सशक्तिकरण एवं खेल विभाग के माध्यम से अमृत सामुदायिक विकास योजना तैयार कर रही है, जिसे डिग्री कॉलेज की एनएसएस इकाई की ओर से क्रियान्वित किया जाएगा। प्रत्येक महाविद्यालय की एनएसएस इकाइयों को एक-एक गांव गोद लेने का निर्देश पहले ही दिया गया है। गोद लिए गए गांवों में एनएसएस सेवा कार्य भी चल रहा है।

एनएसएस स्वयंसेवक उनकी इकाई की ओर से गोद लिए या सामाजिक/आर्थिक रूप से पिछड़े गांवों में जाकर लोगों (विशेष रूप से बच्चों) के लिए पोषण, सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण के साथ घर-घर जाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड के बारे में जानकारी के लेंगे। शौचालय सहित न्यूनतम सुविधाओं के बारे में भी जानकारी जुटाकर ऑनलाइन के माध्यम से अपडेट करेंगे। सरकारी योजनाएं योग्य लोगों तक पहुंची हैं या नहीं यह सुनिश्चित करना सर्वेक्षण का एक हिस्सा है।

कॉलेजों को निर्देश

सरकार ने निर्देश दिया है कि इस योजना में सभी सरकारी, निजी एवं अनुदानित महाविद्यालयों के एनएसएस अधिकारी एवं स्वयंसेवकों को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। सर्वेक्षण की पूरी जानकारी जल्द ही कॉलेज शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों के जरिए एनएसएस के समन्वयकों तक पहुंचा दी जाएगी।

15 हजार स्वयंसेवक

राज्य के 750 चयनित गांवों में सर्वेक्षण किया जाएगा और इसमें 46 हजार छात्रों के भाग लेने की संभावना है। दक्षिण कन्नड़ में 64 और उडुपी जिले में 35 एनएसएस इकाइयां हैं। उडुपी में 6 हजार और दक्षिण कन्नड़ में 9 हजार समेत दोनों जिलों में 15 हजार स्वयंसेवक हैं।

लागत प्रबंधन कठिन

स्वयंसेवकों का कहना है कि सर्वेक्षण पर होने वाले खर्च और स्वयंसेवकों के यात्रा व्यय और अन्य खर्चों का प्रबंधन कैसे किया जाएगा इस बारे में सरकार या विभाग ने स्पष्टता नहीं दी है। आम तौर पर शिविर के दौरान साफ-सफाई और सूचनाओं के आदान-प्रदान को प्राथमिकता दी जाती है। पूर्व में कुछ सर्वेक्षण किए गए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद इसे पूछने वाला कोई नहीं होता है। ये सर्वे भी ऐसा नहीं होना चाहिए और सरकार की ओर से इसके लिए अतिरिक्त अनुदान मुहैया कराना चाहिए।

परियोजना का विवरण अभी आना बाकी है

एनएसएस इकाइयों की ओर से पहले ही गांवों को गोद ले कर वहां स्वच्छता सहित विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। ग्रामीण जीवन में सुधार से संबंधित सर्वेक्षण की जानकारी या अमृत सामुदायिक विकास परियोजना का विवरण अभी आना बाकी है।

- डॉ नागरत्ना के.ए., एनएसएस परियोजना अधिकारी, मेंगलूरु विश्वविद्यालय

Published on:
08 Oct 2023 09:14 pm
Also Read
View All

अगली खबर