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गुरु चरणों में अपनी ओर से अनुपम भेंट प्रस्तुत की

गुरु चरणों में अपनी ओर से अनुपम भेंट प्रस्तुत की

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हुबली

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S F Munshi

Aug 23, 2023

गुरु चरणों में अपनी ओर से अनुपम भेंट प्रस्तुत की

गुरु चरणों में अपनी ओर से अनुपम भेंट प्रस्तुत की

सिंधनुर
श्रमण संघीय उप प्रवर्तक गुरुदेव नरेशमुनी का जन्म दिवस दान, साधना और तप के साथ अप्रतिम श्रद्धा के साथ मनाया गया।
आस्था, श्रद्धा, विश्वास और गुरुवर के प्रति समर्पण भाव से विमलादेवी विनायकिया ने 43 उपवास, डिंपलदेवी संचेती और सोनमदेवी कवाड़ ने 30 उपवास की दीर्घ तपस्या के पच्चखान के साथ गुरु चरणों में अपनी ओर से अनुपम भेंट प्रस्तुत की।
गुरुदेव नरेशमुनि ने तपस्यार्थियों की अनुमोदना करते हुए कहा कि निकाचित कर्मों को काटने का एकमात्र रास्ता तप ही है। तप आत्मबल, संकल्प शक्ति और दृढ़ निश्चय से ही संभव हो पाता है। गुरुदेव ने कहा कि लंबी तपस्या करना कोई बच्चों का खेल नहीं है। शुद्ध भावों और अटल संकल्प के साथ किया गया तप अभिनंदनीय है।
मुनि शालीभद्र ने तपस्यार्थियों का अभिनंदन सुंदर गीतिका के साथ करने के बाद कहा कि इस भीषण गर्मी में जिस संकल्प बल और आत्मविश्वास के साथ जो दीर्घ तपस्या की हैं वह अतुल्यनीय और अनुकरणीय है। गुरुदेव के जन्म दिवस पर इससे बड़ी भेंट और क्या हो सकती हैं।
साध्वी दर्शनप्रभा और साध्वी समृद्धि ने तप की अनुमोदना करते हुए अपने भाव प्रकट किए।
तपस्यार्थियों का अभिनंदन श्री संघ की ओर से लाभार्थी परिवार और भूतपूर्व शासक वेंकटराव नादगौड़ा ने किया। रजत कलश से तपस्यार्थियों का अभिनंदन केवलचन्द संचेती ने किया।
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