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मेंढ़क दौड़ और बोरी दौड़ में मूक-बधिरों ने दिखाया दमखम, म्यूजिकल चेयर में भी दिखा उत्साह

राजस्थान पत्रिका एवं मानव सेवा संघ का संयुक्त आयोजन राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली का 19 वां स्थापना दिवस  

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Rajasthan Patrika Hubballi 19 th Foundation Day

श्री मानव सेवा संघ हुब्बल्ली के सदस्यों के साथ खेल स्पर्धाओं में विजेता प्रतिभागी।

मेंढ़क दौड़ और बोरी दौड़। कुछ अजीब सी इन प्रतियोगिताओं में जब मूक-बधिरों ने हिस्सा लिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न था। म्यूजिकल चेयर में भी कुछ ऐसा ही जोश एवं उत्साह इन बच्चों ने दिखाया। अवसर था राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के 19 वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का। राजस्थान पत्रिका एवं श्री मानव सेवा संघ हुब्बल्ली ेके संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मूक-बधिर बच्चों ने मेढ़क दौड़ एवं बोरी दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। हुब्बल्ली के आनन्दनगर रोड स्थित प्रियदर्शिनी मूक-बधिर आवासीय विद्यालय में आयोजित इन स्पर्धाओं में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी विद्यार्थियों को मानव सेवा संघ की ओर से भोजन भी करवाया गया। संघ की ओर से हर पूर्णिमा के साथ ही अन्य विशेष अवसरों पर मानव सेवा कार्य पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है। बोरी दौड़ एक ऐसा खेल है जिसमें प्रतिभागी अपने दोनों पैरों को एक बोरी अमूमन आलू की बोरी के अंदर रखते हैं जो उनकी कमर तक होती है। वे शुरुआती बिंदु से फिनिश लाइन की ओर आगे बढ़ते है। फिनिश लाइन पार करने वाला पहला व्यक्ति दौड़ का विजेता बनता है। इसी तरह मेंढ़क दौड़ में भी मूक-बधिर बच्चों ने उत्साह दिखाया। इसमें प्रतिभागी यह देखने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं कि किसका मेंढक सबसे अधिक दूरी या सबसे अधिक ऊंचाई तक छलांग लगा सकता है। यह मजेदार और मैत्रीपूर्ण प्रतिस्पर्धा से भरा रोमांचक कार्यक्रम था।

मैत्रीपूर्ण प्रतिस्पर्धाओं से मिलती है ऊर्जा
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अक्सर उतार-चढ़ाव से भरा रहता है। कभी हमारे जीवन में ख़ुशियां होती हैं तो कभी गम। कभी हमे सफलता मिलती है और कभी असफलता। दिन-रात, हार-जीत, ख़ुशी-गम ये हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं लेकिन अक्सर हमने महसूस किया हैं कि जब भी हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए दिक्कतों से जूझ रहे होते हैं तो बहुत से लोग हमें अपनी बातों से हिम्मत देते हैं तो कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी बातों से हमारी हिम्मत तोडऩे की भी कोशिश करते हैं। स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को तो सबसे ज्यादा ऐसी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता है। अक्सर उनके सहपाठी, अध्यापक, मित्र और कभी-कभी तो माता-पिता उनसे इस तरह की नकारात्मक बात करते है जिससे कभी-कभी उनकी हिम्मत टूट जाती है। कई बार एक साधारण आदमी ऐसी नकारात्मक बातें सुनकर अक्सर हार मान बैठता है। ऐसे में इस तरह के मजेदार एवं मैत्रीपूर्ण प्रतिस्पर्धाओं वाले खेल आयोजन हमें नई ऊर्जा देने के साथ ही सकारात्मकता से भर देते हैं।

इशारों से पढऩे का प्रशिक्षण
प्रारम्भ में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार के बारे में जानकारी दी। प्रियदर्शिनी मूक-बधिर आवासीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गिरिजा नायक ने कहा कि मूक-बधिर बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष अध्यापक नियुक्त है। ये उन्हें इशारों में बोलने व पढऩे का प्रशिक्षण देते हैं।

मानव सेवा संघ के सदस्यों ने किया सहयोग
इस अवसर पर श्री मानव सेवा संघ हुब्बल्ली के सदस्य हरीश सोलंकी सांगाणा, नवीन देवासी रामपुरा सिलदर, चुन्नीलाल जाट भाम्बूनगर, नारायणसिंह राठौड़ काठाड़ी, नरेश चौधरी लुम्बडिय़ा, केवाराम देवासी जेरण के साथ ही अन्य सदस्य उपस्थित थे। संघ के सदस्यों ने बताया कि संघ विभिन्न अवसरों पर सेवा कार्य में हाथ बंटाता है। संघ से करीब 40 सदस्य जुड़े हुए हैं।

शंकर व संजू ने बाजी मारी
बोरी दौड़ प्रतियोगिता में शंकर कोलिवाड़ प्रथम, अक्षय हुगार द्वितीय तथा अनिल बेटागेरी एवं संजीव सावकर संयुक्त रूप से तृतीय रहे। म्यूजिकल चेयर में संजू सावकर प्रथम, गणेश कम्बीमठ द्वितीय तथा महन्तेश होंगल तृतीय रहे। मेंढ़क दौड़ प्रतियोगिता में छात्र वरिष्ठ वर्ग में अक्षय हुगार, छात्र कनिष्ठ वर्ग में येल्लप्पा माजीगौडर तथा छात्रा वर्ग में रेणुका कटिकार अव्वल रही।