
Sadhvi Vipuldarshnasri
पाप हमारे जीवन में कैसे आते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। कैसे हम भगवान महावीर स्वामी के बताए रास्ते पर जा सकते हैं। किस प्रकार दान-तप से पुण्य कर सकते हैं। इसी तरह की कई बातें इस चातुर्मास के दौरान सीखने को मिली। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ हुब्बल्ली के अध्यक्ष उकचन्द बाफना ने यह बात कही। वे रविवार को यहां कंचगार गली स्थित संघ परिसर में साध्वी विपुलदर्शना एवं अन्य साध्वीवृन्द के चातुर्मास विदाई समारोह में अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। बाफना ने कहा कि पांच महीने तक जिनवाणी एवं ज्ञानवद्र्धक चर्चा का लाभ मिला। साध्वीवृन्द ने जिस उत्सुकता के साथ जिनवाणी का श्रवण करवाया, उसी उत्सुकता के साथ श्रावक-श्राविकाओं ने सुना। हम भारी मन से विदाई दे रहे हैं लेकिन यह चातुर्मास कई सालों तक हमारे दिलो-दिमाग में रहेगा। समय पर व्याख्यान, विभिन्न विषयों पर चर्चा, समय पर मांगलिक समेत कई अच्छी बातें इस चातुर्मास काल में हुई। इस अवसर पर साध्वी विपुलदर्शनाश्री ने भी श्रावक-श्राविकाओं का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर साध्वी रूचिदर्शनाश्री, साध्वी ऋजुदर्शनाश्री, साध्वी पावनदर्शनाश्री, साध्वी मधुरदर्शनाश्री एवं साध्वी काव्यदर्शनाश्री भी उपस्थित थीं।
श्रावक-श्राविकाओं ने रखे विचार
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के मानद अध्यक्ष बाबूलाल पारेख, कोषाध्यक्ष कांतिलाल बोहरा, सह मंत्री महेंद्र विनायकिया, चातुर्मास के संयोजक पारसमल पटवा, चातुर्मास के विशेष सहयोगी संदीप कांकरिया एवं आवास निवास के संयोजक चंद्रप्रकाश कांकरिया ने इस दौरान अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। मृगवती महिला मंडल, कौशल्या महिला मंडल, सिद्धि बहू मण्डल, चंदनबाला बहू मण्डल एवं वर्धमान युवक मंडल ने भी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सुरेश बोहरा, प्रमिला बोहरा, राजेंद्र सुराणा, भूपेन्द्र सिंघवी, तनुष कवाड,़ दिव्यांश चोपड़ा, चाशा, दिविशा बोहरा, लवीना विनायकिया एवं वसंत विनायकिया समेत अन्य श्रावक-श्राविकाओं ने भी अपने विचार रखे। समारोह में अशोक कोठारी, अशोक कानूंगा, महेंद्र चोपड़ा, शांतिलाल बोहरा, दीपचंद भण्डारी, विनोद चोपड़ा एवं प्रकाश बाफना समेत अन्य श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे। समारोह का संचालन संघ के मंत्री प्रकाश कटारिया ने किया। समारोह की शुरुआत महामंत्र जाप एवं गुरु आनन्द की प्रार्थना के साथ हुई। विभिन्न मंडलों के सदस्यों ने अपनी बात रखी।
सूना ये आंगन और सूना ये...
इस मौके पर सूना ये आंगन और सूना ये..., गुरु सूर्य हैं चन्द्र गुरु हैं...विदा हो रहे हैं..., जय आनन्द-आनन्द गाये जा... समेत अन्य गीतिकाओं की प्रस्तुति दी गई।
Published on:
28 Nov 2023 04:02 pm
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