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नए टर्मिनल के बीच उड़ानों की कटौती ने खड़े किए सवाल, उद्योगों पर सीधा असर, निवेशकों का भरोसा डगमगाया

स्टार एयर द्वारा 15 जनवरी से बेलगावी-जयपुर और बेलगावी-अहमदाबाद उड़ानों की बुकिंग बंद किए जाने के बाद शहर के नियमित हवाई यात्रियों और बिजनेस कम्युनिटी में गहरी चिंता फैल गई है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब कुछ ही दिन पहले 25 दिसंबर से मुंबई-बेलगावी सेवा भी बंद कर दी गई थी। लगातार उड़ानों के बंद होने से यह आशंका प्रबल हो गई है कि बेलगावी दो और अहम क्षेत्रीय हवाई संपर्क खो सकता है। यात्रियों का कहना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो इसका सीधा असर व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजमर्रा की व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ेगा। बेलगावी हवाई अड्डा दशकों से उत्तरी कर्नाटक के साथ-साथ महाराष्ट्र और गोवा के सीमावर्ती क्षेत्रों के औद्योगिक, वाणिज्यिक और सामाजिक विकास की रीढ़ रहा है। विडंबना यह है कि जहां एक ओर हवाई अड्डे का बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उड़ानों की संख्या लगातार घट रही है। इससे यात्रियों, उद्योगपतियों और व्यापार संगठनों में असमंजस और निराशा बढ़ती जा रही है।

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उड़ानों की संख्या लगातार घट रही

उड़ानों की संख्या लगातार घट रही

पहले प्रमुख शहरों से जुड़ा था
एक साल पहले तक बेलगावी हवाई अड्डा बेंगलूरु, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, जयपुर, पुणे, नागपुर, चेन्नई, तिरुपति, सूरत, इंदौर और जोधपुर जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ था। वर्तमान में यह कनेक्टिविटी सिमटकर केवल बेंगलूरु, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद और जयपुर तक रह गई है, जिन्हें स्टार एयर और इंडिगो संचालित कर रही हैं। अब जयपुर और अहमदाबाद रूट की बुकिंग बंद होने से अनिश्चितता और गहरा गई है।
बेलगावी एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है, जहां हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स और टेक्सटाइल की बड़ी इकाइयां कार्यरत हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि मुंबई, पुणे और अन्य बिजनेस हब से सीधी हवाई कनेक्टिविटी कारोबार, क्लाइंट मीटिंग्स और निवेश के लिए बेहद जरूरी है। उड़ानों के बंद होने से अब उन्हें हुब्बल्ली, गोवा या कोल्हापुर जैसे 100-150 किमी दूर स्थित हवाई अड्डों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे लागत, समय और शारीरिक थकान बढ़ रही है।

अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा
यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सांबरा हवाई अड्डे का 265 करोड़ रुपए की लागत से विस्तार कर रहा है। 10 मार्च 2024 को रखी गई नई टर्मिनल की आधारशिला के बाद अब तक लगभग 65 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नया टर्मिनल 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा और एक साथ 1,400 यात्रियों को संभाल सकेगा। कई संगठनों ने भी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। अच्छी यात्री संख्या के बावजूद उड़ानों का बंद होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।