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स्कूल में बच्चों को बैठने बेंच नहीं, कमरे भी नहीं

स्कूल में बच्चों को बैठने बेंच नहीं, कमरे भी नहीं

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हुबली

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S F Munshi

Feb 24, 2024

स्कूल में बच्चों को बैठने बेंच नहीं, कमरे भी नहीं

स्कूल में बच्चों को बैठने बेंच नहीं, कमरे भी नहीं

विजयपुर
इस सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को बैठने के लिए बेंच नहीं तथा कमरे भी नहीं हैं। एसी खस्ताहाल स्कूल शहर के हमीद नगर में स्थित सरकारी उर्दू प्राथमिक स्कूल नंबर-17 है।
इस स्कूल में पहली कक्षा 5 वीं कक्षा तक कुल 75 बच्चे पढ रहे हैं। इस स्कूल में के 3 कमरों में बैठने जैसी हालत नहीं है। इन कमरों के दीवारों तथा छत में दरार पडी है। करीब 30 साल पुरानी स्कूल है। स्कूल कब गिरेगी के भय से बच्चों को बाहर मैदान में बिठाकर पढाया जा रहा है।
स्कूल में पांच शिक्षक हैं जो अच्छे से गुणवत्तायुक्त शिक्षा दे रहे हैं। स्कूल शिक्षक कई बार संबंधित अधिकारियों को स्कूल की मरम्मत करवाने की मांग की है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बच्चों को चटाई पर बिठाकर पढाया जा रहा है।
इस स्कूल में मौलाना अबुल कलाम आजाद स्कूल सुबह 10 बजे से शुरू होती है। इसके चलते पूर्व प्राथमिक उर्दू स्कूल के बच्चों को सुबह 7.30 बजे से 10 बजे तक उस स्कूल के कमरों में बिठाकर पढाया जाता है। बाद में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक स्कूल परिसर में चटाई बिछाकर शिक्षक पढाई करवाते हैं।
केवल 30 वर्ष पहले निर्मित यह स्कूल भवन का निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता का है। बारिश आने पर इस स्कूल में पानी टपकने लगता है। संपूर्ण छत गिरने की कगार पर है। जमीन पर के टाइल्स उखड गए हैं। इससे चुहे, मुंगली आदि का बसेरा यहां पर है। बच्चों के लिए खेल का मैदान ही पाठ शाला बनी हुई है।
जितनी जल्दी हो सके कोई बडा हादसा होने से पहले संबंधित अधिकारियों को इन बच्चों के लिए सुसज्जित स्कूल भवन का निर्माण करवाना चाहिए।
..स्कूल के समय में बदलाव
इस पूर्व प्राथमिक स्कूल का समय भी रोजाना सुबह 10 से शाम 5 बजे तक था। जब से कमरों की समस्या शुरू हुई तभी से इस स्कूल का समय ही बदल दिया गया। सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक करदिया गया है। 10 बजे से 12 बजे तक बच्चों को खेल का मैदान ही स्कूल का कमरा बन गया है।
इस बारे में विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी स्कूल मुख्य अध्यापक तथा एसडीएमसी प्रशासनिक बोर्ड को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
...बच्चों पर दीवार गिरने का भय
हमें हमारे बच्चों पर ही दीवार गिरने का भय सताता है। पिछले दो वर्षों से स्कूल भवन की हालत खस्ता होगई है। जितनी जल्दी हो सके कमरों की मरम्मत या नए कमरों का निर्माण कर बच्चों को सुविधा करदेनी चाहिए।
-हाशीम और मोहसीन
विद्यार्थियों के अभिभावक,
..एक सप्ताह में समस्या का होगा समाधान
उस स्कूल में समस्या की हमें जानकारी है। स्कूल का दौरा कर समीक्षा की गई है। स्कूल संपूर्ण खराब हालत में है। इसके चलते अस्थाई रूप से सामने वाली आजाद स्कूल में बच्चों को पाछ करने के लिए शिक्षकों को कहा गया है। आगामी एक सप्ताह में स्कूल की समस्या का समाधान किया जाएगा।
-बसवराज तळवार, बीईओ, विजयपुर
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