
काव्य पाठ प्रतियोगिता के विजेता और सभी प्रतिभागी। उत्साह, प्रतिभा और सृजनशीलता का एक साथ दमदार प्रदर्शन।
शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों सरीखे विषयों पर प्रस्तुति
इस प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और हिंदी भाषा, नारी शिक्षा, बेटी, पुस्तक, समाज एवं मानवीय मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी स्वरचित और चयनित रचनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। कई प्रतिभागियों ने अपनी कल्पना से रची कविताओं से उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया, जबकि कुछ नेे अपनी प्रस्तुति और भाव-प्रकटन से माहौल को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ बीबीए प्रथम सेमेस्टर की छात्रा जानवी जैन द्वारा नवकार महामंत्र के पाठ से हुआ, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थी अपनी बारी का इंतजार करते हुए आत्मविश्वास, उत्साह और काव्य के प्रति प्रेम से भरे नजर आए।
प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर किया प्रोत्साहित
प्रतियोगिता में पूजा पटेल ने अपने प्रभावशाली पाठ से प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं मल्लिका पिरजादा द्वितीय और क्रिश जैन तृतीय स्थान पर रहे। इनके साथ ही खुश जैन, प्रणिता के., पूजा जैन, संजय चौधरी, जयना जैन, सबीहा बी., वरुण जैन, अकबर पाशा, अनूप अथनी और साक्षी जैन को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त तृप्ति, ध्रुवी जैन, रोहित मिस्कन, राहुल क्षीरसागर, लता राजपुरोहित, जानवी जैन, भव्या जैन, क्रिश कुमार जैन, रिया कबाड़ी, कृशिका बी. जैन, तुलसी बोहरा, प्रियंका बोचगेरी, कृपा रतन, साईंनाथ मैत्राणी, रोशनी पाटिल जैसी प्रतिभाओं की प्रस्तुति भी दर्शकों द्वारा खूब सराही गई। हर प्रतिभागी को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे पर उपलब्धि और संतोष की चमक साफ झलक रही थी।
साहित्यिक कार्यक्रमों की व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका
कार्यक्रम में कर्नाटक राजस्थानी यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष प्रकाश बाफना मोकलसर, सचिव मगराज भलगट जवाली, प्रोजेक्ट चेयरमैन रायचंद जैन एवं संयुक्त सचिव केसरीचंद गोलेच्छा ने विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए। जैन डिग्री महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. तनुजा बी. ने फेडरेशन के पदाधिकारियों का सम्मान किया तथा आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों और साहित्य को बढ़ावा देने की पहल के बारे में जानकारी दी। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने प्राचार्य डॉ. तनुजा बी., निर्णायिका डॉ. शीला भास्कर तथा हिंदी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. गायत्री के. का सम्मान किया।
Updated on:
19 Nov 2025, 9:37 PM IST
Published on:
19 Nov 2025, 9:37 PM IST
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