13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया

तेलुगु देशम पार्टी के सुप्रीमो ने कहा कि प्रभावी गरीबी उन्मूलन रणनीति के लिए जाति जनगणना जरूरी है

2 min read
Google source verification
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया

आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया

विजयवाड़ा . जाति-आधारित जनगणना की बहस में शामिल होते हुए तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि एक प्रभावी गरीबी उन्मूलन रणनीति के लिए सभी समुदायों के ऐसे आंकड़े होना जरूरी है जो सही आर्थिक स्थिति को दर्शाते हों।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ग में ऐसे गरीब लोग हैं जिन्हें सरकारी नीतियों से लाभ नहीं मिला है, चाहे वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और यहां तक कि अगड़ी जाति समूह ही क्यों न हो। हमें एक व्यापक जाति जनगणना की आवश्यकता है और हमारे पास रिपोर्ट के आधार पर एक रणनीति होनी चाहिए कि इन समूहों को विशेष रूप से कैसे लक्षित किया जाए।
2024 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्ष के अभियान में जाति-आधारित जनगणना की मांग केंद्र-मंच पर रहने की संभावना है। यह टीडीपी और विपक्ष के बीच सहमति का एकमात्र बिंदु है। टीडीपी ने अपने 2019 के रुख से खुद को दूर रखा है, जब नायडू ने विपक्ष को एक साथ लाने की कोशिश की थी। फिलहाल उनका ध्यान वाईएसआर कांग्रेस से मुकाबले पर है। नायडू ने कहा कि टीडीपी 'आंध्र बचाओ' के आह्वान के साथ विधानसभा चुनाव में उतरेगी। अप्रैल 2019 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में टीडीपी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी वाईएसआर कांग्रेस की 151 सीटों के मुकाबले केवल 23 सीटें जीत सकी थी। दोनों पक्षों के बीच वोट शेयर का अंतर लगभग 10त्न था।
नायडू सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने दिल्ली पहुंचे और चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि आंध्र प्रदेश में कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छूट न जाए। विधानसभा चुनाव कम से कम आठ महीने दूर हैं, लेकिन टीडीपी पहले से ही अपने चुनावी वादों पर काम कर रही है। नायडू ने छह प्रतिबद्धताओं को सूचीबद्ध किया जिन्हें वह अभियान के दौरान घोषित करना चाहते हैं - महिलाओं के लिए प्रति माह 1,500 रुपये, युवाओं के लिए 3,000 बेरोजगारी भत्ता, प्रति वर्ष तीन मुफ्त गैस सिलेंडर, 20 लाख नई नौकरियां, छात्रों के लिए प्रति वर्ष 50,000 रुपये का भत्ता और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा।