
ys jagan mohan reddy
(हैदराबाद): आंध्रप्रदेश विधानसभा 2019 चुनाव के परिणाम ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि लोकतंत्र किसी का भी दंभ स्वीकार नहीं करता है। जनता के दिल में जमीन से जुड़े नेता ही राज करते हैं। और यदि कोई सत्ता हासिल करने के बाद हवा में रहे तो उसे अर्श से फर्श पर लाने के लिए लोकतंत्र ने जनता को चुनाव के रूप में मौका दिया। और अबकि बार विधानसभा के चुनाव में जनता ने उस मौके का बखूबी प्रयोग किया। राज्य में पिछली सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी टीडीपी को पछाड़ते हुए वाईएसआर कांग्रेस ने राज्य में प्रचंड बहुमत हासिल किया और अब वाईएस जगन मोहन रेड्डी नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे है।
आज वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी विजयवाडा में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आईजीएमसी स्टेडियम में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। बुधवार को सभी तैयारियां पूरी कर ली गई। शपथग्रहण समारोह में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव और राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन के साथ ही कई गणमान्य लोगा शामिल होंगे। जगन ने पीएम मोदी को भी निमंत्रण दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने समारोह में भाग लेने से इंकार कर दिया है। टीडीपी विधायकों की बैठक में पार्टी के प्रतिनिधि को समारोह में भेजे जाने पर सहमति जताई गई।
बता दें कि आंधप्रदेश की 175 विधानसभ सीटों के लिए लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत 11 अप्रैल को वोट डाले गए। 23 मई को नतीजे घोषित हुए जीसमें वाईएसआर कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सत्ताधारी टीडीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा। वाईएसआर कांग्रेस को 151 सीटें हासिल हुई जबकि टीडीपी को जनता ने सिरे से नकार दिया। टीडीपी को मात्र 23 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं एक सीट पर अभिनेता पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने जीत हासिल की। राजनीतिक विशलेषकों का मानना है कि जगन मोहन रेड्डी ने पांच साल में जनता के साथ जो सीधा जुड़ाव बनाए रखा उसी के फलस्वरूप जनता ने उनकी झोली वोटों से भर दी। वोट का आशीर्वाद देने के साथ ही जनता ने जगन मोहन से विकास की गारंटी ली है! अब जगन व वाईएसआर कांग्रेस के विधायकों पर निर्भर करता है कि वह जनता की आशा पर कितना खरा उतरते है।
3,640 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पहुंचे जनता के बीच
पांच साल में रेड्डी ने 3,640 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए टीडीपी के खिलाफ आवाज बुलंद की। वहीं चंद्र बाबू नायडू मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष को एक जुट करने के लिए दिल्ली में डेरा जमाए रहे। केंद्र की राजनीति में पैर फंसाने के बाद जनता की अनदेखी उनकी हार का प्रमुख कारण बनी। जबकि पिछले चुनाव में तेलुगु देशम पार्टी को Telugu Desam Party (TDP)103, वाईएसआर कांग्रेस YSR Congress Party (YSRCP) 66, भारतीय जनता पार्टी को Bharatiya Janata Party (BJP) 4, निर्दलीय को 1 व नवोदय पार्टी को Navodayam Party (NPT) 1 सीट मिली थी।
Published on:
30 May 2019 06:00 am
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