
(पत्रिका ब्यूरो,हैदराबाद): हैदराबाद उच्च न्यायालय ने तेलंगाना राज्य में आगामी 3 महीने के अंदर पंचायत राज चुनाव कराने का आदेश दिया है। इस बात से तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्यमंत्री केसीआर को झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने स्थानीय निकायों को प्रशासित करने के लिए ग्राम पंचायत में सरपंचों के स्थान पर विशेष अधिकारियों की नियुक्ति के खिलाफ प्रसिद्ध वकील बी.रचना रेड्डी की याचिका से संबंधित आदेश गुरुवार को पारित किए हैं। इससे पहले हैदराबाद हाईकोर्ट ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतें दूर करने के लिए 12 अक्टूबर तक शपथपत्र कोर्ट में जमा कराने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों से संबंधित मामले की सुनवाई 12 तारीख तक मुल्तवी करते हुए चुनाव आयोग को शुक्रवार तक बूथ स्तर के वोटर लिस्ट और अन्य सभी विवरणों के साथ शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश पहले ही दे रखा है। इसके साथ ही कोर्ट ने शुक्रवार को अंतिम वोटर लिस्ट जारी करने की अनुमति भी चुनाव आयोग को दे दी।
माना जाता है कि 12 अक्टूबर को कोर्ट में संबंधित शपथपत्र दाखिल करने के बाद ही चुनाव आयोग अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा। दूसरी ओर कोर्ट ने विधानसभा भंग किये जाने से संबंधित याचिकाओं पर अपने फैसले को सुरक्षित रखा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डी.के.अरुणा ने समय से पूर्व तेलंगाना विधानसभा भंग किए जाने को असंवैधानिक बताते हुए याचिका दायर की है।
कांग्रेस ने लगाया गड़बडियों का आरोप,दायर की याचिका
वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम.शशिधर रेड्डी ने राज्य के वोटर लिस्ट में कई गड़बडियों का आरोप लगते हुए कोर्ट में याचिका दायर की है। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने भी प्रतियाचिका दायर की। बुधवार को इस मामले पर कोर्ट में बहस हुई थी, जिसके बाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राधाकृष्णन ने चुनाव आयोग को मतदाताओं का नामांकन करने के नियम कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया। तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार 7 दिसंबर को राज्य में मतदान कराया जाएगा.
Published on:
12 Oct 2018 06:00 am
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