अंबिकापुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा बलरामपुर द्वारा रोजगार व बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे को लेकरएक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं रोजगार कार्यालय घेराव किया गया। इस अवसर पर स्थानीय हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित सभा में मुख्य अतिथि भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम रहे। रामविचार नेताम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब युवा शक्ति जाग गई है और सभी युवा संकल्पित हंै। युवा अपना हक सरकार से मांगने के लिए संकल्पित हो कर धरना कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार युवाओं के साथ छलावा कर रही है। सरकार को 4 वर्ष से ज्यादा समय गुजर गए अभी तक बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त नहीं हुआ और ना ही युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान हुए। आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसे छलावा करने वाली सरकार को हमारी युवा शक्ति उखाड़ फेंकेगी।
सभा को प्रदेश महामंत्री अंकित जयसवाल, जिला अध्यक्ष कमलेश मार्को, भाजपा जिला महामंत्री दीनानाथ यादव, भाजयुमो जिला महामंत्री अश्विनी गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों ने संबोधित कर आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के लिए एकजुट होकर लड़ाई लडऩे के लिए संकल्पित किया सभा के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत एवं वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों के नेतृत्व में सभा स्थल से संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकाली गई।
रैली प्रमुख मार्गो से होते हुए संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित रोजगार कार्यालय का घेरावा करने के लिए निकली जैसे ही कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची पहले से मुस्तैद पुलिस के आला अधिकारी सहित जवानों ने अंदर जाने से रोक लिया।
यहां पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं एवं पुलिस जवानों के बीच गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। विरोध प्रदर्शन में अंकुश सिंह, भानू दीक्षित, शुभम सोनी, अजय यादव, दिलीप सोनी, सिद्धार्थ यादव, अंश सिंह, मंगलम पांडे सहित जिले भर से सैकड़ों की संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
पुलिस ने वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे प्रथम बेरिकेट को तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट तक पहुंच गए। यहां पुलिस को कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान भाजयुमो पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फिर मुख्यमंत्री के नाम पर एसडीएम भरत कौशिक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि साढ़े 4 साल बाद बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है जबकि घोषणा पत्र में शुरू से बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही गई थी। उस हिसाब से पूरे 5 साल की बेरोजगारी भत्ता राशि एक साथ बेरोजगारों को दी जाए। इसके अलावा बेरोजगारी भत्ता फार्म भरने के विभिन्न झंझट वाले नियमों को हटाया जाए ताकि सभी बेरोजगारों को रोजगारी भत्ता प्राप्त हो जाए। जब से सरकार बनी है तब से बेरोजगारों को भत्ता प्रदान किया जाए।