
अब यूनिक रिसर्च पेपर पढऩे पर साइंस कॉलेज स्कॉलर को देगा 10 हजार रुपए, टॉपर स्टूडेंट की होगी फीस माफ
दुर्ग. विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए साइंस कॉलेज ने एक अहम फैसला लिया है। कॉलेज के छात्र या शोधार्थी यदि विदेश में शोध कार्य का पेपर पढ़ेगा तो उनको बतौर प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपए कॉलेज देगा। ऐसे ही यदि कॉलेज के प्रोफेसर विदेशों में पेपर प्रजेंटेशन के लिए जाएंगे तो उनका पंजीयन शुल्क कॉलेज अदा करेगा। राज्य सरकार के निर्णय से कॉलेज शुरू होते ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। दुर्ग साइंस कॉलेज हेमचंद विवि का सबसे बड़ा रिसर्च हब है। यहां सर्वाधिक विषयों के गाइड मौजूद है, वहीं सबसे ज्यादा शोध छात्र भी इसी रिसर्च सेंटर से पीएचडी की उपाधि हासिल करते हैं। इसके अलावा गवर्निंग बॉडी ने निर्णय लिया है कि कक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को अगली कक्षा के लिए शुल्क नहीं देना होगा। कॉलेज उसकी फीस माफ कर देगा।
इस साल 72 का चयन
कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने निर्णय लिया है कि नई खोज करने वाले विद्यार्थियों को अब स्टूडेंट इनोवेशन अवॉर्ड दिया जाएगा। उन्हें पुरस्कृत करने के साथ ही इनोवेशन को आगे बढ़ाने में भी मदद दी जाएगी। अब पीएससी और यूपीएससी की कोचिंग कॉलेज में ही दी जाएगी, जबकि पहले तक एक निजी कोचिंग संस्थान में विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी। बता दें कि दुर्ग साइंस कॉलेज ने इस साल इतिहास रच दिया है। हाल ही में लोक सेवा अयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें साइंस कॉलेज के 72 विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। डॉ. आरएन सिंह, प्राचार्य, साइंस कॉलेज दुर्ग ने बताया कि शोध की दिशा में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कॉलेज की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। विदेशों में पेपर प्रजेंटेशन करने वालों को कॉलेज आर्थिक मदद देगा।
Published on:
18 Mar 2021 05:43 pm
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