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इंदौर के दवा बाजार में 350 में से 10 फीसदी थोक दुकानें ही खुलने से दवाइयों का पड़ा टोटा

रिटेल तक नहीं पहुंच रहा माल और लोग हो रहे परेशान, फैक्टरियां खुलने पर दो-चार दिन में दवाई की कमी पूरी करने का दावा

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इंदौर के दवा बाजार में 350 में से 10 फीसदी थोक दुकानें ही खुलने से दवाइयों का पड़ा टोटा

इंदौर के दवा बाजार में 350 में से 10 फीसदी थोक दुकानें ही खुलने से दवाइयों का पड़ा टोटा

उत्तम राठौर. इंदौर

कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन में लोग अति आवश्यक दवाइयों के लिए परेशान हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने दवा बाजार तो खुलवा दिया, लेकिन थोक दुकानदार अपनी दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं। इसके कारण रिटेलर के पास दवाइयां नहीं पहुंच रही हैं। दवा बाजार की 350 थोक दुकानों में से सिर्फ 10 प्रतिशत यानी 35 के आसपास दुकानें खुलने से दवाइयों का टोटा पड़ रहा है। जो मरीज व उनके परिजन यहां दवाई लेने पहुंच रहे हैं, उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों के सामने समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इधर, दवा बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने फैक्टरियां खुलने पर दो-चार दिन में दवाइयों की कमी पूरी करने का दावा किया है।

तीन गुना तक खरीद ली दवाइयां
कोरोना वायरस के चलते जब 21 दिन का लॉक डाउन किया गया और उसके बाद जब प्रशासन ने दवाइयों की
दुकानें खोलने के निर्देश दिए तो लोगों ने घबराहट में तीन गुना अति आवश्यक दवाइयां खरीद लीं। इसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई कि आर्थिक रूप से कमजोर बीमार लोगों को दवाइयां नहीं मिल पा रही। वे दरदर भटक रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के कारण लोगों का नंबर दुकान पर काफी देर बाद आता है। जब वह पर्ची दिखाता है, तो उसे यही जवाब मिलता है कि ये दवाई खत्म हो चुकी है। 15 मिनट से लेकर आधा घंटा तक एक दुकान पर इसी तरह दवाइयों के लिए इंतजार करना पड़ता है। अंत में खाली हाथ ही यहां से लोगों को लौटना पड़ता है। दवाइयां नहीं मिलने के कारण खेरची दुकानदार बिक्री करने के बाद दवाइयां वापस स्टाक नहीं कर पा रहा, क्योंकि दवा बाजार के थोक विक्रेता छूट मिलने के बावजूद अपनी दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं।

कोरोना का सता रहा डर
दवा बाजार में लगबग 350 बड़े थोक दवाई विक्रेता हैं, लेकिन कोरोना वायरस का डर उन्हें भी सता रहा है। वे अपनी दुकान खोलने में घबरा रहे हैं। दवा बाजार में लगभग 350 बड़े थोक विक्रेताओं में से सिर्फ 35 ही दुकानें खुल रही हैं, जबकि खेरची दुकान सभी खुल रही हैं।

माल आते ही खुलेंगीं
रिटेल दुकानों में अति आवश्यक दवाइयों की कमी है। इसका कारण यह है कि डिपो से ही माल नहीं आ रहा। लॉक डाउन के कारण फैक्टरियों में काम नहीं हुआ। अब फैक्टरियां शुरू हो गईं हैं। दो-चार दिन में जैसे ही माल आता जाएगा, थोक दुकानें भी खुलती जाएंगीं। इससे रिटेल दुकानदार और ग्राहक दोनों को दवाइयां मिलेंगीं।
विनय वाकलीवाल, अध्यक्ष इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन