वित्त 2015-16 के लिए बजट में जहां एक ओर किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई थी वहीं दूसरी ओर मोटर पंप का स्टार्टर किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। दरअसल, मोटर पंप के साथ स्टार्टर खरीदा जाता है तो इस पर 5 प्रतिशत वैट लगता है, जबकि अकेले स्टार्टर खरीदेंगे तो इस पर 14 प्रतिशत वैट लगता है। वैट की इस परिभाषा के चलते ज्यादातर स्टार्टर का काम बगैर बिल या बगैर टैक्स चुकाए होता है।