18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चने खाने के इतने फायदे की हो जाएंगे हैरान, बस तरीका ये अपनाएं

चना में छिपा है मर्दानगी का राज, महिलाओं के लिए भी है खास

3 min read
Google source verification
chana.png

इंदौर। आयुर्वेद में चने और चने की दाल को शरीर के लिए बहुत स्वास्थवर्धक माना जाता है। इसके सेवन से शरीर के कई रोग ठीक हो जाते हैं। इसमें कई सारी विटामिन्स और प्रोटीन पाई जाते हैं। चना अन्य दालों के मुकाबले सस्ता तो होता है पर सेहत के लिए भी यह दूसरी दालों से ज्यादा पौष्टिक माना जाता है।

आयुर्वेद में बताया गया है कि चना खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधन क्षमता बढ़ जाती है यह हमारे इम्यून सिस्टम को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। शरीर के साथ-साथ यह दिमाग को तेज करता है वही आपके चेहरे को भी सुंदर बनाता है। चने के फायदे तब और बढ़ जाते हैं जब इसे अंकुरित करके खाया जाए।

सुबह खाली पेट चने से कई फायदे मिलते हैं सर्दियों में चने के आटे का हलवा खाना अस्थमा में बहुत फायदेमंद होता है। अगर आपको सांस या कफ संबंधी रोग हैं तो रात में भुने हुए चने सोते समय चबाकर गर्म दूध पीएं। अगर आप त्वचा संबंधित बीमारियां जैसे-दाद, खाज, खुजली आदि से परेशान हैं तो चने के आटे की नमक रहित रोटी 40 से 60 दिनों तक खाए जल्द ही इन समस्याओं से निजात मिल जाएगी।

आयुर्वेद के अनुसार चीनी के बर्तन में रात को चने भिगोकर रख दे। सुबह उठकर खूब चबा-चबाकर खाएं इसके लगातार सेवन करने से वीर्य में बढ़ोतरी होती है व पुरुषों की कमजोरी से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। भीगे हुए चने खाकर दूध पीते रहने से वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है। वही चने के सत्तू में शहद मिलाकर लेने से नपुंसकता समाप्त हो जाती है।

पीलिया की बीमारी में चने की 100 ग्राम दाल में दो गिलास पानी डालकर अच्छे से चनों को कुछ घंटों के लिए भिगो लें और दाल से पानी को अलग कर लें अब उस दाल में 100 ग्राम गुड़ मिलाकर 4 से 5 दिन तक रोगी को देते रहें। पीलिया से लाभ जरूरी मिलेगा। पीलिया में चने की दाल खाना फायदेमंद रहता है।

रोजाना भुने चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाता है। दस ग्राम चने की भीगी दाल और 10 ग्राम शक्कर दोनों मिलाकर 40 दिनों तक खाने से धातु पुष्ट हो जाती है। 25 ग्राम काले चने रात में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से डायबिटीज दूर हो जाती है। रातभर भिगे हुए चनों से पानी को अलग कर उसमें अदरक, जीरा और नमक को मिक्स कर खाने से कब्ज और पेट दर्द से राहत मिलती है।

मोटापा घटाने के लिए रोजाना नाश्ते में चना लेना चाहिए। गर्भवती को उल्टी हो तो भुने हुए चने का सत्तू पिलाएं। गर्म चने रूमाल या किसी साफ कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है। शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए अंकुरित चनों में नींबू, अदरक के टुकड़े, हल्का नमक और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं। आपको पूरे दिन की एनर्जी मिलेगी। चने का सत्तू भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद औषघि है। शरीर की क्षमता और ताकत को बढ़ाने के लिए गर्मीयों में आप चने के सत्तू में नींबू और नमक मिलकार पी सकते हैं। यह भूख को भी शांत रखता है।

पथरी की समस्या अब आम हो गई है। दूषित पानी और दूषित खाना खाने से पथरी की समस्या बढ़ रही है। गाल ब्लैडर और किड़नी में पथरी की समस्या सबसे अधिक हो रही है। एसे में रातभर भिगोए चनों में थोड़ा शहद मिलाकर रोज सेवन करें। नियमित इन चनों का सेवन करने से पथरी आसानी से निकल जाती है। इसके अलावा आप आटे और चने का सत्तू को मिलाकर बनी रोटियां भी खा सकते हो। चना पाचन शक्ति को संतुलित और दिमागी शक्ति को भी बढ़ाता है। चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा निखरती है।

अधिक काम और तनाव की वजह से पुरूषों में कमजोरी होने लगती है। एैसे में अंकुरित चना किसी वरदान से कम नहीं है। पुरूषों को अंकुरित चनों को चबा-चबाकर खाने से कई फायदे मिलते हैं। इससे पुरूषों की कमजोरी दूर होती है। भीगे हुए चनों के पानी के साथ शहद मिलाकर पीने से पौरूषत्व बढ़ता है। और नपुंसकता दूर होती है। काला चना शरीर के अंदर की गंदगी को अच्छे से साफ करता है। जिससे डायबिटीज, एनीमिया आदि की परेशानियां दूर होती हैं। और यह बुखार आदि में भी राहत देता है।