20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Unique Punishment : एक साल तक नहीं पी सकेंगे शराब, जहां पर की गलती वहीं रोज लगाएंगे हाजिरी

शराब पीकर वाहनों में तोड़फोड़ करना तीन बदमाशों के लिए अनोखी सजा साबित हुआ है। साथ ही, शहर के हुड़दंगियों के लिए भी बड़ी नजीर बना है। जानिए क्या है ये अनोखा मामला।

2 min read
Google source verification
News

Unique Punishment : एक साल तक नहीं पी सकेंगे शराब, जहां पर की गलती वहीं रोज लगाएंगे हाजिरी

देशभर में स्वच्छता में नंबर वन मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में शराब पीकर वाहनों में तोड़फोड़ करना तीन बदमाशों के लिए अनोखी सजा साबित हुआ है। साथ ही, शहर के हुड़दंगियों के लिए भी बड़ी नजीर बना है। सजा ये है कि, अब ये तीनों बदमाश अगले एक साल तक शराब का सेवन नहीं कर सकते। आपको बता दें कि, तीनों बदमाशों को ये अनोखी सजा पुलिस कमिश्रन कोर्ट ने सुनाई है।

बता दें कि, शहर के लसूड़िया थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले खालसा चौराहे पर जीतू चौहान, राजू करोल और सौरभ तिलवे नामक तीन आरोपियों ने पिछले दिनों शराब के नशे में इलाके में खड़ी कई वाहनों में तोड़फोड़ की थी। साथ ही, उन वाहन मालिकों को जान से मारने की धमकी तक दे डाली थी। आरोपियों ने गाड़ियों को तोड़फोड़ करते हुए एक वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद वाहन मालिकों की शिकायत पर आज पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कमिश्नर कोर्ट में पेश किया।

यह भी पढ़ें- समलैंगिक विवाह मामले पर क्या चाहते हैं डॉक्टर ? राष्ट्रपति से की बड़ी मांग, जानें क्या है पूरा मामला


कमिश्नर मकरंद देउसकर ने सुनाया आदेश

कमिश्नर मकरंद देउसकर की कोर्ट में पेश हुए तीनों बदमाशों को उन्होंने अनोखी सजा सुनाई है। कमिश्नर कोर्ट के आदेश के अनुसार, आज की तारीख से अगले एक साल तक ये तीनों बदमाश शराब का सेवन नहीं करेंगे। इसके अलावा, अगले 21 दिन तक तीनों बदमाशों को घटनास्थल पर ही रात 9 बजे से 11 बजे के बीच किसी भी हाल में रहना होगा। थाना प्रभारी या थाने का स्टाफ रोज रात में तीनों ही अपराधियों की स्पॉट पर मौजूदगी दर्ज कर रिकॉर्ड मैंटेन करेंगे। साथ ही, इलाके के रहवासी संघ के अध्यक्ष के सामने भी तीनों आरोपियों को उपस्थित रहना होगा। इस बीच जानकारी ये भी सामने आई है कि, तीनों आरोपियों को इलाके में स्थित मंदिर की सफाई समेत अन्य काम भी करने होंगे।

यह भी पढ़ें- चुनावी साल में सरकार का बिजली उपभोक्ताओं को झटका, एनर्जी और फिक्स चार्ज बढ़े, चुकाना होगा इतना बिल


अनोखी सजा का मकसद

इस आदेश के पीछे कमिश्नर कोर्ट का मुख्य उद्देश्य ये है कि, बदमाशों के दिलों में पुलिस का खौफ बना रहना चाहिए। साथ ही, बदमाश आगे इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले ये जरूर सोचने पर मजबूर हों कि, उन्हें इसका क्या भुगतान भुगतना होगा। कमिश्नर मकरंद देउसकर की मानें तो आगे भी बदमाशों को इसी तरह की सजा देकर रास्ते पर लाया जाएगा।