
56 dukan market indore
इंदौर. 56 दुकान बाजार को नो व्हीकल जोन घोषित कर नगर निगम ने यहां विश्वस्तरीय स्मार्ट मार्केट बनाने की तैयारी की है। चार करोड़ रुपए की लागत से यहां सुविधाएं जुटाई जाएंगी। खास बात यह है कि प्रोजेक्ट की समय सीमा तय कर यहां उल्टी गिनती का टाइमर लगाया जाएगा।
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 56 दुकान के कायाकल्प का निर्णय लिया था। स्मार्ट सिटी कार्यालय में आम लोगों से सुझाव लेने के साथ व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर प्लॉन तैयार किया है। 4 करोड़ रुपए की लागत से बाजार को नो व्हीकल जोन घोषित कर कर उसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां कला व संगीत के छोटे कार्यक्रम के लिए माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसी सुविधाएं जुटाई जाएंगी कि लोग यहां मनोरंजन के साथ सार्वजनिक सुविधाओं का लुफ्त उठाते हुए अपना समय व्यतीत कर पाएं। शहर में पहली बार समय सीमा में प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए मकर संक्रांति पर निगम टाइमर लगाएगा, ताकि लोगों को पता चल सके कि काम खत्म होने में कितना समय बचा है। साथ ही निर्माण एजेंसी तय समय सीमा का कड़ाई से पालन करे।
पार्र्किंग के लिए तय किए तीन स्थान
निगमायुक्त आशीषसिंह ने बताया, राजबाड़ा, सराफा और 56 दुकान शहर की पहचान हैं। बाहर से आने वाला व्यक्ति यहां जरूर जाता है। इन बाजारों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत संवारा जा रहा है। विश्वस्तरीय रूप देने के साथ स्थानीय कला, संस्कृति और लोगों के स्वाद से संबंधित बिंदुओं को ध्यान में रखकर प्लान बनाया है। यहां पार्र्किंग के लिए तीन स्थान सामुदायिक भवन, पास ही स्थित खाली मैदान और स्वामी विवेकानंद स्कूल की पार्र्किंग का उपयोग होगा। पूरे बाजार में केनोपी व खाने-पीने के स्थान विकसित किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के पूरे होने वाला समय तय कर टाइमर लगाया जाएगा, बताएगा कि कितना समय बचा है। संभवत: देश में इस तरह का यह पहला प्रयोग होगा। स्ट्रीट डेवलेपमेंट के लिए मिले चार करोड़ रुपए के बजट का इसमें उपयोग किया जाएगा।
यहां मिलता है सबसे हेल्दी और टेस्टी फूड
देशभर में दूसरे नंबर पर सबसे स्वच्छ दुकानें और सबसे हेल्दी खाना इंदौर की 56 दुकानों पर मिल रहा है। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने इन दुकानों को 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' घोषित किया है। इससे पहले अहमदाबाद की कांकरिया झील को अक्टूबर 2018 में देश का पहला 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' का अवॉर्ड मिला था। इंदौर को यह अवॉर्ड इस आधार पर दिया गया है कि यहां मिलने वाली सभी खाद्य सामग्री साफ-स्वच्छ व हेल्दी है। दुकानों के संचालक व कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया है। इसके अंतर्गत उनके नाखून कटे हों व खाना दास्ताने पहनकर परोसा जाए। खाने में बाल न गिरे, इसलिए सिर पर कैप और कपड़े भी साफ पहनने पड़ते हैं। इन दुकानों पर फूड एंड सेफ्टी की गाइड लाइन का बोर्ड भी लगा हुआ है।
1978 में हुई थी शुरुआत
56 दुकानों की शुरुआत 1978 में हुई थी। नगर निगम ने इसे श्री मार्केट नाम दिया था। शुरुआत तीन दुकानों से हुई, धीरे-धीरे यहां भीड़ बढ़ी तो अन्य लोगों ने भी दुकानें खरीद लीं और सभी 56 दुकानें बुक हो गईं। इन दुकानों पर खाने को लेकर कई नए प्रयोग किए जाते, जब हॉट डॉग का लोग नाम भी नहीं जानते थे, तब लोग यहां खाने आते थे। एक पान दुकान संचालक दुबई से पान लाकर यहां बेचते थे। धीरे-धीरे चाट, साउथ इंडियन खाने की शुरुआत हुई। 1994 से इसे और भी प्राथमिकता मिली। नाम इतना बढ़ा कि जब भी कोई बड़ी हस्ती शहर में आती है, तो वह 56 दुकान जरूर आती है।
Published on:
04 Jan 2020 12:03 am
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