
heart treatment
इंदौर। आधुनिक चिकित्सा के बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दो हृदय रोग से पीड़ित मरीजों में एक नई तकनीक एंजियोप्लास्टी की गई। करीब 80 लाख रुपए कीमत की नई ओसीटी मशीन शहर के सरकारी अस्पताल में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। अन्य अस्पतालों में पहले इस तकनीक से जटिल एंजियोप्लास्टी करने के लिए इस मशीन को दिल्ली, मुंबई जैसे अन्य बड़े शहरों से किराए पर बुलाई जाती थी।
कॉडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजयदीप भटनागर ने बताया कि ऑप्टिकल कोहरेन्स टोमोग्राफी (ओसीटी) कहा जाता है। इस नवीन तकनीक के जरिए मरीजों की एंजियोप्लास्टी व स्टेंट लगाया गया। इस तकनीक में से मरीज की धमनियों को कैमरे के द्वारा देखा जाता है।
इसमें हमें ब्लॉकेजों के अलावा, धमनियों का आकार प्रकार स्पेशिलिटी समेत धमनियों में स्टेंट डालने के बाद की जटिलताओं के बारे मेंप्रारंभिक अवस्था में ही पता चल जाता है। जिन दो मरीजों की ओसीटी द्वारा एन्जियोप्लास्टी की गई। सुपर अस्पताल कार्डियोलॉजी टीम द्वारा की गई इन दोनों एंजियोप्लास्टी में डॉ. भटनागर डॉ. लोकेन्द्र रेकवाल, डॉ. अभिषेक राठौर, डॉ. भूषण शाह शामिल थे। मेडिकल कॉलेज के डीन संजय की दीक्षित व अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला ने इस सफलता पर बधाई दी।
पहला मरीज: दोबारा आ गया था दिल का दौरा
पहले मरीज को एक वर्ष पूर्व अन्य अस्पताल में स्टेंट लगाया गया था। लेकिन स्टेंट के फेल होने के कारण दोबारा दिल का दौरा पड़ गया। इस पर मरीज को अब सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल कर ओसीटी तकनीक से स्टंट फेल होने के कारण का पता चला। नई मशीन से जांच में पता चला कि पिछले ऑपरेशन के दौरान स्टंट पूरी तरह खुला नहीं था, जिस वजह से ह्रदय की धमनी सिकुड़ी हुई थी।
दूसरा मरीज: डायबिटीज के कारण
दूसरा मरीज, जिसे डायबिटीज थी, उसकी धमनी में बहुत ज्यादा सिकुड़ी हुई थी। इस पर ओसीटी की तकनीक से धमनियों में अवतरण क्षेत्र का पता लगाया गया। जांच करने पर पता चला कि जहां पहले दो स्टंट की जरूरत लग रही थी. वहां एक स्टेंट से ही काम हो सकता है। इस तरह किसी भी तरह का अनावश्यक खर्चा नहीं हुआ और मरीज को एक ही स्टेंट लगाकर ठीक कर दिया गया।
Published on:
13 Apr 2022 01:03 pm
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