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एक महीने पहले डाली पाइपलाइन, अब सडक़ दे रही हादसों को न्योता, रहवासी बेहाल

इंदौर

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Newsdesk

Jul 27, 2026

datia news

datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

इंदौर. शहर के पश्चिम क्षेत्र स्थित वार्ड 12 के अंतर्गत गोविंद कॉलोनी में नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा रहवासी भुगत रहे हैं। करीब एक माह पहले नर्मदा पाइपलाइन डालने के लिए सडक़ खोदी गई थी, लेकिन पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सडक़ को पूर्व स्थिति में नहीं लौटाया गया। बारिश के कारण पूरी सडक़ कीचड़ में तब्दील हो गई है और जगह-जगह चार से पांच फीट लंबे गड्ढे बन गए हैं। इससे दोपहिया वाहन चालक रोजाना जान जोखिम में डालकर आवाजाही को मजबूर हैं। कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार केवल आश्वासन देे रहे है।
निगम के कचरा प्लांट की ओर से दिनभर बड़े वाहनों की होती आवाजाही, हादसे का अंदेशा
रहवासियों का कहना है कि गोविंद कॉलोनी से स्कीम नंबर 51 की ओर जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से नगर निगम के ट्रक, पानी के टैंकर, कचरा संग्रहण वाहन और अन्य भारी वाहन दिनभर गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और अधूरी मरम्मत के कारण सडक़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बारिश ने हालात और बदतर कर दिए हैं। चिकनी मिट्टी के कारण वाहन फिसल रहे हैं और गड्ढे में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता है, जिससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे है, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह है। इस समस्या को लेकर रहवासियों में निगम के प्रति आक्रोश है।
किसी बड़े हादसे के बाद बही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी
रहवासियों ने बताया कि निगम अधिकारियों से कम से कम अस्थायी रूप से गिट्टी, मुरम या पैचवर्क कराने की मांग की गई, ताकि सडक़ पर आवागमन सुरक्षित हो सके। इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी या अस्थायी समाधान नहीं किया। यदि समय रहते सडक़ की मरम्मत कर दी जाती तो बारिश के दौरान यह स्थिति नहीं बनती। निगम को गर्मी के मौसम में पाइपलाइन और सडक़ से जुड़े कार्य पूरे कर लेने चाहिए थे। बारिश शुरू होने के बाद सडक़ खोदने और अधूरी छोड़ देने की कार्यप्रणाली से आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों ने मांग की है कि सडक़ का तत्काल डामरीकरण कराया जाए, किसी बड़े हादसे के बाद ही निगम के जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।
बिजली की खुली डीपी से खतरा
रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी के एक निजी स्कूल के समीप बिजली की डीपी का ढक्कन भी क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा है। इसी स्थान से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे और अभिभावक गुजरते हैं। बारिश के दौरान यहां जलभराव हो जाता है, जिससे खुले विद्युत उपकरण के कारण करंट फैलने जैसी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार बिजली कंपनी को इस संबंध में सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डॉग्स का आंतक बुजुर्गो और महिलाओं में भय का माहौल
रहवासियों ने बताया कि गोविंद कॉलोनी के रहवासी डॉग्स के बढ़ते आतंक पर भी चिंता जताई है। डॉग्स के झुंड राहगीरों और विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे कई बार लोग संतुलन खोकर गिर जाते हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भी भय का माहौल है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए भी कोई प्रभावी नहीं उठाया जा रहा है।