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खान नदी पुनर्जीवित करने फिर से जुटेगा अभ्यास मंडल

खान नदी पुनर्जीवित करने के लिए अभ्यास मंडल फिर से जुटेगा। संगठन 1 जुलाई को तकनीकी विशेषज्ञ, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ शहर में कई स्थानों का मौका मुआयना करेगा।

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Shruti Agrawal

Jul 01, 2017

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इंदौर. खान नदी पुनर्जीवित करने के लिए अभ्यास मंडल फिर से जुटेगा। संगठन 1 जुलाई को तकनीकी विशेषज्ञ, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ शहर में कई स्थानों का मौका मुआयना करेगा।


मंडल ने तय किया है कि वह खान नदी को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को जनता के बीच लेकर जाएगा। विशेषज्ञों से नदी संरक्षण पर चर्चा करेंगे। मंडल 2012 से खान नदी संरक्षण व सफाई में जुटा हुआ है। मंडल के परवेज खान ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद 3 बजे प्रीतमलाल दुआ सभागार में एकत्र होकर बस से अलग-अलग स्थलों पर जाकर निरीक्षण करेंगे।


हालात जस के तस

सीईपीआरडी के सचिव संदीप नारूलकर ने कहा, नदी की प्रणाली में सुधार के लिए कई सालों से अलग-अलग सरकारी विभागों ने काम किया। कई योजनाएं आज भी चल रही हैं। इनमें खान-सरस्वती संगम पर झील बनाना, डे्रनेज लाइनें बिछाना, नाला टैपिंग करना आदि काम कराए गए, लेकिन वह सफल नहीं हुए। कबीटखेड़ी में जल-मल शुद्धिकरण के लिए अत्याधुनिक संयंत्र भी लगाए गए, लेकिन मामला आज तक हल होता नहीं दिख रहा है। योजनाएं अलग-अलग बनाई गईं, जिससे कोई भी योजना सफल नहीं हो सकी। नदी सफाई को लेकर प्रोजेक्ट बना चुकी अर्शिया नूर कुरैशी कहती हैं कि खान नदी में इतने नाले और मलबा डाल दिया गया कि नदी का सांस लेना मुश्किल हो गया। सबसे पहले उसकी सफाई कर गाद, मलबा हटाना होगा, जिससे वह सांस ले सके।

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