
आपके काम की खबर-रक्षा बंधन पर मिल रही है मिलावटी मिठाई
- पुलिस की सूचना पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मारा छापा, गुजरात से लाकर यहां बना रहे थे
इंदौर। शहर में त्योहारी सीजन शुरू होते ही नकली व मिलावटी मिठाइयों की बिक्री शुरू हो जाती है। शुक्रवार को पुलिस की सूचना पर कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मिल्क पावडर व खाद्य तेल से बने नकली मिल्क केक व मिठाइयों का बड़ा जखीरा सील किया है। ये मिठाइयां सहित अन्य सामग्री गुजरात के अहमदाबाद से बुलवाकर राधिका ब्रांड के नाम से बेचने के लिए तैयार हो रही थी। करीब एक हजार किलो मिठाइयां तैयार होकर बाजार में जाने के लिए बिलकुल तैयार ही थी कि विभाग ने छापामार कार्रवाई इन्हें सील करते हुए सेंपल लेकर भोपाल प्रयोगशाला भेज दिए गए है। इन मिठाइयों में खाद्य तेल के अलावा अन्य किन सामग्रियों का मिश्रण किया गया था।
दरअसल, थाना हीरानगर पुलिस द्वारा विभाग को सूचना दी गई थी कि न्यू गौरी नगर स्थित पटेल धर्मशाला में बड़ी मात्रा में मिठाइयां बनाई जा रही है, जिनके नकली होने की आशंका है। इस पर विभाग की टीम ने मौके पर जाकर बिकने के लिए तैयार रखी हुई मिठाइयों के नमूने लेना शुरू कर दिए। पहली नजर में ही वहां मौजूद मिल्क केक को जब टीम के सदस्यों ने बारिकी से देखा तो वह मिल्क पावडर और खाद्य तेल से बना हुआ पाया गया। यह देख टीम नें वहां मौजूद अन्य मिठाइयां की भी प्राथमिक जांच करना शुरू कर दी। प्रथमद़ृष्टया मावे में भी मिलावट के संकेत मिलने पर उसे भी जब्त कर लिया गया। संदेहास्पद २५० किलो मावा, ५०० किलो मिल्क केक, मिठाई समेत करीब एक हजार किलो अन्य सामग्री सीज कर दी। जब तक प्रयोगशाला से शुद्धता रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक इन्हें सीज रखा जाएगा। वहीं निर्माणकर्ता राकेश गर्ग के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जगह नहीं इसलिए धर्मशाला लगाया ताला
विभाग के फिलहाल केईएम बिल्डिंग परिसर स्थित कार्यालय में जगह की काफी कमी है। बचे हुए स्थान पर भी वर्षों पुराने सेंपलों की भरमार है। एेसे में इन मिठाइयों को जब्त करना विभाग के लिए संभव नहीं था। इसलिए इन्हें धर्मशाला के ही एक कमरे में जमाकर सीज कर दरवाजे पर सरकारी सील लगा दी गई है। अब इस दरवाजे को खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही खोला जाएगा।
गुजरात से लाकर बेचते थे इंदौर में
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष खेडेकर ने बताया कि जांच में पता चला है कि यह एक पूरा गिरोह है जो अन्य राज्यों से माल लाकर शहरों के छोटे-छोटे गांवों तक खपाता है। इंदौर में यह माल ग्वालियर के रहने वाले राकेश गर्ग द्वारा तैयार किया जा रहा था। फिलहाल वह सुमन नगर में रहता है। करीब ३ वर्ष पहले भी पिपल्याहाना पर हुई कार्रवाई में इसी तरह नकली मिल्क केक व मिठाई निर्माण होता मिला था। संभावना है कि राकेश उसी गिरोह से जुड़ा हुआ है।
१० कर्मचारी कर रहे थे तैयारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा ने बताया कि इस पूरे माल को बनाकर बाजार में बेचने के लिए १० कर्मचारी तैनात थे। ये सभी मिठाई बनाने, पैकिंग करने जैसे काम कर रहे थे। नकली मिल्क केक को राधिका ब्रांड की पैकिंग में पैक कर रखा गया था। इसके अलावा यहां मावे और बेसन से बनी मिठाई सहित लड्डू आदि भी बनाकर तैयार किए गए थे।
हो सकती है ५ साल सजा, जुर्माना
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत नकली खाद्य पदार्थ निर्माण या बिक्री पर ५ वर्ष के कारावास सहित ५ लाख रुपए तक के आर्थिक दंड का प्रावधान है। एेसे में यदि खाद्य प्रयोगशाला द्वारा इन मिठाइयों को नकली करार दे दिया जाता है तो निर्माता के खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
25 Aug 2018 04:16 am
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