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दबंग से डरी एमपी पुलिस, केस दर्ज नहीं करने पर भड़का हाईकोर्ट, छुट्टी के दिन सुनवाई कर दिया बड़ा आदेश

Indore Highcourt- छुट्टी के दिन कोर्ट खोलकर हाईकोर्ट ने 'पुलिस को कहा- कल बच्ची को पेश करो।'
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High Court

High Court(patrika file photo)

Indore Highcourt- मध्यप्रदेश में पुलिस ने एक बार फिर बेशर्मी दिखाई है। महू तहसील की बडग़ोंदा पुलिस ने एक गंभीर आपराधिक केस से आरोपी का नाम ही हटा दिया। एक दबंग, 40 दिन पहले गांव की नाबालिग को उठाकर ले गया। बेचारे परिजन शिकायत करते रहे, अपनी बेटी के लिए परेशान होते रहे पर पुलिसकर्मी दबंग से डर गए और कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूर होकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। इसपर कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया। छुट्टी के दिन कोर्ट खोलकर हाईकोर्ट ने 'पुलिस को कहा- कल हर हाल में बच्ची को पेश करो।'

इंदौर में पुलिस की करतूत एक बार फिर हाईकोर्ट Indore Highcourt के सामने आ गई। महू के बडग़ोंदा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग को दबंग उठाकर ले गए। पुलिस ने शिकायत में 'दबंग' का नाम ही गायब कर दिया। शनिवार को बालिका के पिता की गुहार सुनने के लिए छुट्टी के बावजूद हाईकोर्ट खुली। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की कोर्ट ने पुलिस को जमकर फटकार लगाई। बालिका को 6 अप्रेल को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।

पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने नामजद करने के बजाय अज्ञात पर अपहरण का केस दर्ज किया

मामला महू तहसील के गांव का है। पीडि़त के पिता ने आरोप लगाया कि 23 फरवरी को मेरी नाबालिग बेटी को गांव का पवन सिंह उठाकर ले गया। तब से वह उसके कब्जे में है। पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने नामजद करने के बजाय अज्ञात पर अपहरण का केस दर्ज किया। पुलिस ने कभी बेटी की तलाश भी नहीं की। पिता ने अभिभाषक शुभम मांडिल और गौरव गुप्ता के जरिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।

अदालत ने चलाया डंडा, नामजद एफआइआर न करने पर फटकार लगाई

याचिका आने के साथ ही कोर्ट ने तुरंत संज्ञान लिया। विशेष खंडपीठ बनाई। कोर्ट का अवकाश का दिन होने के बावजूद शनिवार को ही इस पर सुनवाई की। अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी सरकार की ओर से उपस्थित हुए। कोर्ट ने नामजद एफआइआर न करने पर फटकार लगाई। सरकार को निर्देश दिए कि सोमवार को पुलिस नाबालिग जो कि पवन सिंह की अवैध हिरासत में है, उसे हर हाल में कोर्ट में पेश करें।

हरकत में आई पुलिस: कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस तुरंत पीडि़ता के घर पहुंची। परिजन से जानकारी ली। पुलिस अब आगे की कार्रवाई करेगी। कोर्ट ने पीडि़ता को पेश करने के लिए कहा है जिसके लिए वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए हैं।