
भाजपा अध्यक्ष बोले - अब लट्ठ भी पड़ेंगे, केस भी लगेंगे... जो डरे, वो बाहर हो जाए
इंदौर। देख लो भैया... तुम सब कान खोलकर सुन लो, जिसको काम नहीं करना है, वो चुपचाप अपनी इज्जत बचाने के लिए चार लाइन का इस्तीफा दे दे। अब ल_ भी पड़ेंगे और केस भी लगेंगे। जो डरे वह पहले ही बाहर हो जाए। तुम सब दत्तक पुत्र हो जो सरकार में चल जाते हैं, लेकिन अब संगठन को लड़ाई लडऩे वाले ठोस कार्यकर्ता चाहिए।
ये खरी-खरी नगर भाजपा अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने युवा मोर्चा की नगर कार्यकारिणी बैठक में सुनाई। उन्होंने चुनाव तो ठीक आंदोलन व प्रदर्शन में नहीं आने वाले पदाधिकारियों को जमकर लताड़ा। कहना था कि अब मैं ये नहीं सुनूंगा कि व्यस्तता के कारण काम नहीं कर पाया या नहीं आया। कड़ी मेहनत की बारी है, कठिन परीक्षा है। जो इससे डरे, वो अपनी इज्जत पहले ही बचा ले।
एसपी जैसे टीआई को सस्पेंड करता है तब उसे बड़ा बुरा लगता है। खुद ही हट जाए तो बाजार में मान-सम्मान भी रहता है। समझ लेना कि मैं भी अब सीधे सस्पेंड कर दूंगा। सच्चाई सुन लो, तुम सब जितने भी पदाधिकारी हो सब सिफारिश की देन हो यानी सब दत्तक पुत्र हो। अब संगठन की लड़ाई लडऩे वाले चाहिए। दत्तक पुत्र सरकार में चल जाते हैं, लेकिन विपक्ष में नहीं चल पाते हैं।
पदाधिकारी ठोस होना चाहिए। तुम और तुम्हारे आकाओं की इज्जत खराब नहीं हो, इसलिए इस्तीफा दे जाओ। डरने की बात नहीं है, क्योंकि पहला लट्ठ हम खाएंगे और दूसरा तुम्हें पड़ेगा। नेमा ने साफ कर दिया कि अब मैं निगरानी रखूंगा। मनस्वी जो काम नहीं करे, उसे मेरे बगैर पूछे भी तुम हटा देना।
प्रभारी बनाए जाने पर चार नंबर में बवाल
युवा मोर्चा के नगर पदाधिकारियों को कल मंडल का प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी भी सौंपी गई। चार नंबर के हेमू कालानी में सौगात मिश्रा तो महाराणा प्रताप मंडल में निक्की करोसिया को जिम्मेदारी दी गई। लगभग सब तय हो गया, जिसकी खबर महापौर मालिनी गौड़ और उनकी टीम को लग गई, तुरंत उन्होंने नेमा को आपत्ति दर्ज कराई।
शाम तक दोनों को बदल दिया गया। उनके स्थान पर जय राजदेव व गौरव परिहार की नियुक्ति की गई। सौगात को गौड़ परिवार पसंद नहीं करता है तो निक्की के पिता प्रताप करोसिया ने दो दिन पहले नगर निगम में आंदोलन किया था।
मत पेश करो फर्जी आंकड़े
चर्चा के दौरान नेमा ने मोर्चा अध्यक्ष मनस्वी पाटीदार को आड़े हाथों लिया। कहना था कि राफेल मुद्दे पर कांग्रेस की घेराबंदी करने के लिए कलेक्टोरेट पर धरना हुआ था। उसमें प्रत्येक वार्ड से १००-१०० की संख्या जुटाने की बात कही थी।
उस हिसाब से ८५०० तो तुम्हारी ही संख्या होनी थी, लेकिन पूरे धरने पर १५०० कार्यकर्ता मौजूद थे। अब संगठन को ***** मत बनाओ। क्यों झूठ बोलते हो। जितनी चादर हो उतनी फैलाया करो। दस की संख्या बताओ और उतनी खोपडिय़ां गिनाओ तो अच्छा लगेगा।
Published on:
28 Dec 2018 10:51 am
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