10 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रॉपर्टी खरीदने जा रहे तो घर बैठे 1 क्लिक से मिलेगी सारी जानकारी, रजिस्ट्री भी होगी ऑनलाइन !

जो प्रॉपर्टी खरीदने जा रहे, वह किसी ओर ने तो नहीं ली, सर्च कर सकेंगे ऑनलाइन

2 min read
Google source verification
property.jpg

property information

इंदौर। प्रॉपर्टी के आसमान छू रहे हैं। पंजीयन विभाग ऑनलाइन पोर्टल को और एंडवास करने की मशक्कत में लगा हुआ है। इन सभी के बीच खरीदार भी अलर्ट पर आ गए हैं। अब खरीदनें से पहले खरीदार प्रॉपर्टी के संबंध में कई पहलुओं पर तहकीकात करके ही खरीद रहे हैं। कॉलोनाइजर-डेवलपर्स से तो दस्तावेज देखे जाते हैं। खरीदे जा रहे प्लॉट, मकान, जमीन की पहले खरीद-बिक्री तो नहीं हुई , इस बात की तस्दीक भी पंजीयन कार्यालय में सर्च करके की जा सकती है।

ऑनलाइन पोर्टल में सर्च ऑप्शन ने वर्तमान को तो आसान बना दिया, लेकिन 2015 से पहले की रजिस्ट्री देखने में अभी समय लग रहा है। अब इसे भी ऑनलाइन कर लोगों के लिए सुविधाजनक बनाया जा रहा है। विभाग रजिस्ट्री की ऑनलाइन प्रक्रिया में जल्द ही बदलाव लाएगा। इसके लिए संपदा-2 पोर्टल आधुनिक एआई जैसी तकनीकी से लैस रहेगा, जिससे घर बैठे भी रजिस्ट्री हो सकेगी।

पहले निकालते थे इंडेक्स की फाइल नंबर

पंजीयन कार्य में लगे अभिभाषक और सर्विस प्रोवाइडर्स सर्च का कार्य करते हैं। तय फीस देकर रिकॉर्ड खंगाला जाता है। अभिभाषकों के अनुसार, 2015 में विभाग ने कम्प्यूटराइज्ड ऑनलाइन रजिस्ट्री संपदा पोर्टल शुरू की है, तब से तो रिकॉर्ड ऑनलाइन है। 2015 से पहले का रिकॉर्ड मेन्युअल है। यह रजिस्टर में दर्ज हो कर रजिस्ट्री की प्रति वाल्यूम के रूप में रखी है। इनमें सर्च के लिए मशक्कत करना होती है। पहले इंडेक्स देखकर फाइल नंबर निकालना होता है। इसके बाद संबंधित इंडेक्स की फाइल निकालकर दस्तावेज देखा जाता है। जरूरी होने पर प्रमाणित प्रति प्राप्त की जाती है।

कार्यालय नहीं जाना होगा

अभिभाषक व्यवस्थापक समिति के सतनाम सिंह छाबडा के अनुसार इस व्यवस्था के बन जाने से सुविधा आसान होगी। सर्च आन लाइन ही हो सकेगी। लेकिन विभाग को रिकॉर्ड की हालात भी सुधार कर व्यविस्थत करना होगा।

पोर्टल पर सर्च ऑप्शन से अटैच

जिले में वर्तमान में 60 फीसदी दस्तावेजों का रिकॉर्ड तो आन लाइन है। विभाग अब बचे 40 फीसदी को स्कैन करके सर्च सुविधा के साथ अटैच कर रहा है। अफसरों के अनुसार इस कार्य को दो चरण में कर रहे है।

जियो टैंगिंग से मिल जाएगी कीमत

गाइडलाइन का आधुनिकीकरण किया गया है। इसके लिए एक एप भी बनाया है। जिसमें प्रॉपर्टी की लोकेशन की जियो टैगिंग की गई है। प्रॉपर्टी की आइडी डालने पर यह संबंधित लोकेशन की कीमत व अन्य जानकारियां भी मिल सकेगी।