
PM Awas Yojana (सोर्स: पत्रिका)
Pradhan Mantri Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) के तहत बनने वाले थ्री और फोर बीएचके फ्लैट अब लग्जरी श्रेणी में शामिल होंगे और उनकी बुकिंग सीधे नहीं की जाएगी। इन फ्लैटों को खरीदने के इच्छुक लोगों को टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा। नगर निगम ने बड़े फ्लैटों की बिक्री के नियमों में बदलाव करते हुए यह व्यवस्था लागू की है। वहीं वन और टू बीएचके फ्लैटों की बुकिंग पहले की तरह ऑनलाइन 311 ऐप के माध्यम से होगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य फ्लैट आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और निर्धारित कीमत से अधिक राजस्व प्राप्त करना है।
सबके पास खुद का आवास हो इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की है। इसके तहत पहले चरण में इंदौर शहर और आसपास मिली सरकारी खाली जमीन पर नगर निगम ने बहुमंजिला आवासीय इकाई में वन, टू और थ्री बीएचके के मिलाकर तकरीबन 18606 फ्लैट बनाए हैं, जिसमें से 17086 बिक गए और बाकी 1520 रेरा रजिस्ट्रेशन में अटके पड़े हैं। निगम ने जिन 14 साइटों पर फ्लैट का निर्माण किया है, उन्हें बाजार से कम कीमत पर बेचा गया है ताकि गरीब और मध्यवर्गीय लोगों के अपने घर का सपना पूरा हो जाए।
इधर, पीएमएवाय के पहले चरण में बने थ्री बीएचके के फ्लैटों को बेचने के लिए नियम बदल दिया गया है। अब इन फ्लैटों की बुकिंग सीधे नहीं होगी और टेंडर के जरिए होगी। इसके चलते जल्द ही भूरी टेकरी पर बने 72 और बड़ा बांगड़दा पर बने 75 श्री बीएचके के फ्लैटों को बेचने के टेंडर निकाले जाएंगे।
पीएमएवाय के अपर आयुक्त अर्थ जैन का कहना है कि भूरी टेकरी पर बने थी बीएचके के फ्लैट की कीमत जहां 50 लाख रुपए है, वहीं बड़ा बांगड़दा पर बने थ्री बीएचके के फ्लैट की कीमत 31.50 लाख रुपए है। लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग रेट है। इन फ्लैटों की सीधी बुकिंग न करते हुए अब टेंडर निकालकर बेचा जाएगा। यह नियम पीएमएवाय-2.0 के तहत बनने वाले फोर बीएचके के फ्लैट पर भी लागू रहेगा। टेंडर करने की वजह फ्लैट की तय कीमत से ज्यादा पैसा मिलना है। उन्होंने कहा कि वन और टू बीएचके के फ्लैट ऑनलाइन 311 ऐप पर ही बुक होंगे।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कई बदलाब किए हैं। इसके चलते फ्लैट खरीदने और मकान बनाने को लेकर बैंक से लोन लेने पर ब्याज पर मिलने वाली सब्सिडी को कम कर दिया गया है। योजना के पहले चरण में सीएलएसएस यानी क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत 2 लाख 67 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाती थी।
योजना के दूसरे चरण में स्कीम का नाम बदलकर आइएसएस यानी इंट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम कर दिया गया और सब्सिडी 1 लाख 80 हजार रुपए कर दी गई है। योजना के चौथे घटक इंट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम (आइएसएस) के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्राइवेट बिल्डर से क्रय किए गए ईडब्लूएस, एलआइजी और एमआइजी श्रेणी के आवासों के साथ फ्लैट पर बैंक ऋण लेने की स्थिति में इंट्रेस्ट सब्सिडी दी जाएगी।
Published on:
09 Jun 2026 05:56 pm
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