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BJP के ‘विधायक जी’ की ‘मॉर्निंग वॉक’ पर लगा बैन, 25 साल से जारी था सिलसिला

MP News: इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्र. पांच जैसे कठिन क्षेत्र में महेंद्र हार्डिया पिछली पांच बार से विधायक हैं। जिसके पीछे की वजह सरल होने के साथ सहज उपलब्ध होना भी है...

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MLA Morning Walk

MLA Morning Walk (Photo Source: AI Image)

MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक विधायकों में महेंद्र हार्डिया का नाम सबसे ऊपर आता है। वॉकिंग करने के लिए वे सुबह 5 बजे घर छोड़ देते हैं तो 25 वर्षों से अधिक समय से तो वे पुलिस ट्रैनिंग सेंटर (पीटीसी) में घूम रहे थे जो अब बंद हो गया। पुलिस अफसरों ने परिसर में होने वाली सभी की वॉकिंग पर रोक लगा दी है। अफसरों का कहना है कि विभाग की संपत्ति है तो सुबह-सुबह कैडेट्स का मूवमेंट रहता है। उधर, पुलिस के रवैये से विधायक खासे नाराज हैं।

इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्र. पांच जैसे कठिन क्षेत्र में महेंद्र हार्डिया पिछली पांच बार से विधायक हैं। जिसके पीछे की वजह सरल होने के साथ सहज उपलब्ध होना भी है। उनसे मिलने के लिए लोग सुबह पीटीसी पहुंच जाते थे और ये क्रम वर्षों से जारी है। चलते-चलते वे लोगों की समस्या सुन भी लेते थे तो दिन में हल करने के लिए अफसरों से भी बात कर लेते थे। आठ दिन से उनके पीटीसी में घूमने का सिलसिला बंद हो गया है।

ट्रैनिंग सेंटर के अफसरों को नागवार गुजरा

पर्दे के पीछे की कहानी ये है कि हार्डिया के साथ पार्षद प्रणव मंडल, पार्षद पति अनिल गोहर, भाजपा नगर महामंत्री कैलाश पिंपले, पूर्व पार्षद रेम सिंह बघेल व परसराम वर्मा, हरिशंकर रायकवार, अशोक अधिकारी सहित 25 से 30 लोग वॉकिंग करने जाते हैं जो ट्रैनिंग सेंटर के अफसरों को नागवार गुजरा। अचानक से उन्होंने सभी की वॉकिंग पर रोक लगा दी। इसके लिए तर्क ये है कि सेंटर की जगह पुलिस की है और सार्वजनिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकती हैं। बड़ी संख्या में कैडेट्स रहते हैं जिनकी ट्रैनिंग चलती है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश से गोपनीयता भंग होती है।

विधायक को पांच और पार्षद को दो की छूट

पत्रिका के न्यूज टूडे अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक रोक लगाए जाने के बाद सेंटर के बड़े अधिकारी से भाजपा के एक नेता ने बात की थी। बातचीत की शुरुआत तो नोकझोंक से शुरू हुई। अफसर ने साफ मना कर दिया कि किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करूंगा।

बाद में तय हुआ कि विधायक हार्डिया के साथ पांच और पार्षद बसवाल के साथ दो लोगों को अनुमति दी जा सकती है। अब हार्डिया के साथ संकट है कि उनके साथ 25 लोगों की टीम चलती है। उसमें से किसको साथ लें और किसको छोड़ें। वे अब कृषि महाविद्यालय या डेली कॉलेज की रोड पर वॉक कर रहे हैं।