
10 हजार के सिक्के लेकर बैंक पहुंचा व्यापारी, मैनेजर के हाथ-पैर फूले, फिर हुआ ये...
इंदौर. शहर के एक व्यापारी 5 और 10 रुपए के सिक्के लेकर बैंक में जमा कराने पहुंचे। यह राशि करीब 10 हजार रुपए की थी। व्यापारी के बैग में ढेर सारे सिक्के देखकर बैंक मैनेजर के होश उड़ गए। उन्होंने सिक्के जमा करने से इनकार कर दिया। इस पर व्यापारी ने उनसे काफी देर तक बहस भी की। व्यापारी ने इसकी व्यापारी ने शिकायत बैंक मुख्यालय से की है।
जानकारी के अनुसार बालाजी इंटरप्राइजेस के रविकांत वर्मा पानी की बॉटल का व्यवसाय करते हैं। उनका कहना है कि महीनेभर कमाने के बाद मुझे ग्राहकों से 5 और 10 रुपए के सिक्के मिलते हैं। यह राशि करीब 10 हजार रुपए हो चुकी है। वे 19 जुलाई को परदेशीपुरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में 60 हजार रुपए अपने खाते में जमा करवाने पहुंचे, जिसमें 5-10 के करीब 10 हजार रुपए सिक्के थे। इसे बैंक मैनेजर ने लेने से मना कर दिया। बैंक स्टाफ ने बदतमीजी की और मुझे शासकीय कार्य में बाधा डालने पर रिपोर्ट लिखाने की धमकी देते रहे। मामले में वर्मा ने बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा है। लीड बैंक मैनेजर मुकेश भट्ट का कहना है कि सिक्के जमा करने से मना नहीं किया जा सकता है। वैसे उसे जमा करने का भी नियम है जो खातेदारों द्वारा पालन करने की जरूरत है।
10 रुपए का सिक्का बंद होने की उड़ी थी अफवाह
सिक्कों को लेकर विवाद होने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ महीने पहले भी मार्केट में १० रुपए का सिक्का बंद होने की अफवाह उड़ गई थी। वहीं दूसरी ओर कुछ दिन पहले व्यापारियों ने ग्राहकों से १० के सिक्के लेने से इनकार कर दिया था। व्यापारियों का कहना था कि हमारे पास ही सिक्कों की भरमार है और बैंक इन्हें नहीं ले रही है। इन सब के बीच कुछ लोगों ने इसे मुनाफे का धंधा बना लिया। मजबूरी में व्यापारी १०० रुपए की चिल्लर से छुटकारे के लिए ९५ से ८८ रुपए तक लेने को तैयार हो गए थे। लोग कम में चिल्लर लेकर गांवों और कस्बों में ५ प्रतिशत तक कमीशन काटने लगे।
Published on:
24 Jul 2018 01:22 pm
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