18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुलिस कमिश्नर से बोली सुमित्रा महाजन, बार संस्कृति बिगाड़ रही शहर की छवि

नशाखोरी को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष व अन्य नेत्रियां मिली पुलिस अधिकारियों से, योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की मांग

2 min read
Google source verification
पुलिस कमिश्नर से बोली सुमित्रा महाजन, बार संस्कृति बिगाड़ रही शहर की छवि

पुलिस कमिश्नर से बोली सुमित्रा महाजन, बार संस्कृति बिगाड़ रही शहर की छवि

इंदौर. बढ़ रही नशा खोरी, ड्रग्स का उपयोग, पब संस्कृति शहर के लिए नासुर बन गई है। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी रात में घूमकर नशा करते है। इन सभी पर योजनाबद्ध तरीके से काम कर अंकुश लगाने की जरुरत है। छात्रों के बेवजह सड़क पर घूमने, नशा करने के मामले में स्कूल-कॉलेज व होस्टल संचालकों की जवाबदारी भी तय करना जरुरी है।

बढ़ती नशाखोरी से खराब हो रही शहर की छबि को लेकर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, समाजसेवी जनक पलटा, कांग्रेसी नेत्री शोभा ओझा, अर्चना जायसवाल ने पुलिस कमिश्नर व अन्य अधिकारियों से मिलकर अपनी चिंता जताई। पूर्व स्पीकर ने चर्चा करते हुए अफसरों को बताया कि उनके घर के सामने देर रात वाहन में लोग आते है, युवतियां घूमती है। शहर के लिए यह ठीक नहीं है। सभी ने अफसरों से कहा, रात में नशा कर युवक-युवतियां घूमते है, आपस में विवाद करते है। कॉलेज के छात्र की स्कूली बच्चेे भी नजर आ जाते है। परिजन पढऩे भेजते है और यहां होस्टल अथवा पेइंग गेस्ट के रूप में रहते है बच्चे नशा खोरी में शामिल हो जाते है, ड्रग्स लेते है। बार संस्कृति शहर को बिगाड़ रही है। ड्रग्स व बार संस्कृति पर लगाम की जरुरत है। अफसरों से मांग की गई कि स्कूल-कॉलेज, होस्टल वालोंं की जिम्मेदारी तय की जाए। होस्टल, पेइंग गेस्ट रहने वाले सभी बच्चों का भी रिकॉर्ड संबंधित थाने में होना चाहिए। बीआरटीएसको रात के समय खोलने की भी समीक्षा होना चाहिए, देखना चाहिए कि किस तरह के लोग वहां घूम रहे है।

ड्रग्स बेचने वालों को पकडऩे के साथ ही डिमांड पर लगाएंगे ब्रेक, बेवजह घूमने वालों के पालकों को करेंगे फोन

पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र के मुताबिक, चर्चा नशा खोरी व होस्टल के बच्चों को समझाइश देने को लेकर हुई। पुलिस योजनाबद्ध तरीके से काम करेगी। हाल ही में बड़ी संख्या में नशा बेचने वाले पकड़े गए है। नशा की डिमांड खत्म करने की योजना पर भी काम होगा। नशा करने वाले लोगों की काउंसलिंग की जाएगी, जिन्हें इलाज की जरुरत है उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भेजा जाएगा। सरकारी नशा मुक्ति केंद्र की मांग भी रखी जा रही है। पब-बारों को तय समय पर बंद कराया जाएगा, अवैध शराब बेचने वाले जेल भेजे जाएंगे। रात के समय स्कूल-कॉलेज के बच्चों के बेवजह सड़क पर घूमने के मामले में भी पुलिस सख्ती करेगी। बच्चों से रात में घूमने पर सवाल पूछे जाएंगे। जरुरत पड़ी तो उनके पालकों को फोन कर बच्चों के बारे में बताया जाएगा ताकि अभिभावकों को भी हरकत पता चले। स्कूल-कॉलेज व होस्टल प्रबंधन की भी बैठक लेकर उन्हें भी बच्चों पर ध्यान देने के लिए ताकीद किया जाएगा।