
इंदौर. पिछले साल तक शराब ङ्क्षसडीकेट के पास दुकानोंं के ठेके थे लेकिन इस बार कई नए ठेकेदार मैदान में आ गए है। अधिकांश दुकाने नए ठेकेदारों के पास है, उन्हें अपनी कमाई बढ़ाने के लिए नियमों को ताक पर रखते हुए दुकानों को काफी भव्य रूप देने का भी प्रयास किया है। आबकारी विभाग का सिर्फ राजस्व वसूली पर जोर है इसलिए वे भी सख्त कार्रवाई नहीं करते है।
नाबालिग को बेची शराब, रिकॉर्ड भी नहीं रखा
पहली बार है कि दो महीने में कई बार व शराब दुकान के लाइसेंस निलंबित किए। 30 अप्रैल की देर रात 1.30 बजे तक न्यू पलासिया का फॉर मोर शॉट बार खुला रहने पर वहां मारपीट हुई तो राज खुला। न पुलिस न आबकारी विभाग समय पर बंद कराने पर ध्यान दे रहा था। दो महीने के लिए बार का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही आबकारी एसआइ शालिनी ङ्क्षसह व तुकोगंज के एसआइ राकेश चौधरी को निलंबित करना पड़ा।
18 मई को कलेक्टर ने अपोलो बिङ्क्षल्डग के प्यानो बार, स्कीम न. 54 के नुक्सा बार तथा भंवरकुआं के तंदूर बार को 7-7 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित कर सील करवा दिया।
आबकारी विभाग ने माना कि बार-पब में नाबालिगों को भी शराब दी जा रही थी, अनियमितता पर कार्रवाई हुई।
धार रोड के गंगानगर स्थित शराब दुकान में जिले की शराब के साथ अन्य अनियमितता मिली, 30 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित करना पड़ा।
कनाडिया रोड के बार में देर रात चल रही थी पार्टी, पुलिस ने मैनेजर पर किया केस दर्ज।
ऑनलाइन व्यवस्था बना रहे
यह पहला मौका है जब जांच में लगातार अनियमितता सामने आ रही है। देर रात तक पब-बार चालू रहने की शिकायतें आम है। डीसीपी संपत उपाध्याय के मुताबिक, पब-बार समय पर बंद हो इसलिए अधिकारी व बीट के कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की है। वाट््सऐप ग्रुप बना दिए है, रात 12 बजे सभी से बार-पब बंद होने के फोटो बुलवाए जाते है। आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त राजनारायण सोनी के मुुताबिक, विभाग ने समय पर दुकान व पब-बार बंद करा रहा है। सभी अधिकारियों व ठेकेदारोंं की जिम्मेदारी तय की है। वाट््सऐप ग्रुप पर सभी से लाइव फोटो लिए जाते है। अब अनियमितता मिली तो और सख्त कार्रवाई होगी।
Published on:
05 Jun 2022 07:00 pm
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