मानसून का एंजॉय करने के लिए पिकनिक स्पॉट तलाश रहे हैं, तो ऐतिहासिक नगरी मांडू सबसे शानदार जगह है। यहां देश-विदेश के पर्यटकों के साथ यहां मानसून की मस्ती को जी भरकर एंजॉय किया जा सकता है।
मांडू का दर्शन कश्मीर का अभास देता है। यहां हरी-भरी वादियां नर्मदा का सुरम्य तट ये सब मिलकर मांडू को मालवा का स्वर्ग बनाते है। यहां चार वंशों परमार काल, सुल्तान काल, मुगल काल और पंवार काल का कार्यकाल देख चुका मांडू का जहाज महल चर्चित स्मारक है।
ऐतिहासकि नगरी मांडू का नाम सामने आते ही रानी रुपमती और बाज बहादुर के अमरप्रेम की गाथा सामने आ जाती है। नर्मदा नदी के उत्तर में पहाड़ी पर बसी प्रेमनगरी की खूबसूरती और आबोहवा में भी प्यार बसा हुआ है। यहां का पत्ता-पत्ता इस प्रेम कहानी की गाथा कहता है। माना जाता है कि यहां आज भी दोनों आत्माएं मिलती है और प्रेम के गीत गाती है।
मांडू जाने के लिए इंदौर नजदीकी एयरपोर्ट है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, मुंबई, दिल्ली और जयपुर से जुड़ा हुआ है। इंदौर से मांडू की दूरी 99 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में लगभग दो घंटे लगते है।
रेलमार्ग-
मांडू का नजदीकी रेलवे स्टेशन रतलाम और इंदौर है। यह इंदौर से 99 किलोमीटर और रतलाम से 124 किमी दूर है।
सड़क मार्ग:-
इंदौर-मांडू मार्ग नियमित रूप से बसों से जुड़ा हुआ है। भोपाल से मांडू जाने के लिए सीधी बस चलती है। यह भोपाल से 278 किलोमीटर की दूरी पर हैं।
मांडू जाने के लिए मानसून सबसे अच्छा सीजन है। जुलाई से अगस्त के बीच यहां का मौसम खुशनुमा होता है, पूरे मांडू में कोहरे की चादर होती है। धुंध में छूपे पुराने खंडहरों का सौंदर्य निखर जाता है।