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इन लिंक पर भूलकर भी न करें क्लिक, मिनटों में खाली हो सकता है आपका खाता

बैंक के नाम से जालसाजी,तत्काल शिकायत पर पुलिस ने वापस दिलाए रुपए

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इंदौर। महू के शासकीय अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर के ऑनलाइन ठगोरों ने निशाना बनाकर उनके अकाउंट से करीब ढाई लाख की खरीदी कर ली। डॉक्टर ने साइबर सेल की मदद ली तो पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी राशि फ्रीज कर वापस करवा दी। साइबर सेल के एसपी जितेंद्रसिंह के मुताबिक मंगलवार को डॉ. प्रवीण मिश्रा, सीनियर सर्जन, शासकीय चिकित्सालय, महू ने शिकायत की थी।

डॉक्टर के मोबाइल नंबर पर एक मैसेज प्राप्त हुआ। बैंक की ओर से मैसेज था और केवायसी अपडेट के लिए ऑनलाइन लिंक दी थी। डॉ. मिश्रा ने विश्वास कर लिंक को क्लिक किया तो भारतीय स्टेट बैंक से मिलता-जुलता एक फर्जी पेज खुला। उन्होंने प्रक्रिया का पालन करते हुए इंटरनेट बैंकिंग का आइडी व पासवर्ड दर्ज करने के बाद ओटीपी भी दर्ज कर दिया।

इसके बाद उन्हें बैंक से 2,49,998 रुपए फ्लिपकार्ट को ट्रांजेक्शन करने का मैसेज आया तो ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत साइबर सेल को शिकायत की। टीम ने जांच-पड़ताल शुरू की। पता चला कि ठगोरे ने फ्लिपकार्ट से एक महंगा मोबाइल, कैमरा व कुछ अन्य सामान खरीदी का आर्डर देकर डॉक्टर के खाते से भुगतान किया है। पुलिस ने फ्लिपकार्ट से संपर्क कर ट्रांजेक्शन को रुकवाकर राशि फ्रीज करवा दी। बाद में ठगी की राशि का पूरा पैसा डॉक्टर के खाते में साइबर सेल की टीम ने शिकायत वापस आ गया, जिसपर उन्होंने को गंभीरता से देखते तुरंत कार्रवाई पुलिस का धन्यवाद दिया।

ऑनलाइन ठगोरों से ऐसे रहें सावधान

-पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ऑनलाइन ठगोरों से सावधान रहें।

-बैंक के संबंध में कोई भी मैसेज प्राप्त होने पर बैंक जाकर ही जानकारी प्राप्त करें।

-रिमोट ऐप जैसे टीम व्यूवर, एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट आदि किसी के कहने पर इंस्टाल न करें।

-फोन काल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कतई न करें।

-क्यूआर कोड स्कैन करने पर बैंक खाते से रुपए निकलते हैं, -इसलिए स्कैन न करें।