7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हैवान ने पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाला हैंडल

पति की हैवानियत का शिकार महिला डॉक्टरों को ने दी नई जिंदगी , एमवाय अस्पताल में महिला की जान बचाने के लिए 18 डॉक्टरों की टीम ने किया 4 घंटे लंबा ऑपरेशन  

2 min read
Google source verification
indore

हैवान ने पत्नी के प्राइवेट पार्ट में घुसेड़ा बाइक का हैंडल

इंदौर. दो साल पहले पति ने हैवानियत की हदें पार करते हुए महिला के प्राइवेट पार्ट में लोहेनुमा चीज घुसेड़ दी थी। दो सालों से असहनीय पीड़ा झेल रही महिला की जान एमवाय अस्पताल में मंगलवार को १८ डॉक्टरों की टीम ने ४ घंटे लंबे ऑपरेशन के बाद बचाई।
इंदौर के 71 नंबर स्कीम में रहने वाली पीडि़त महिला का दो साल पहले पति से दूसरी महिला से संबंध रखने की बात पर विवाद हुआ था। उस वक्त दोनों नशे में थे। पति ने महिला के प्राइवेट पार्ट में लोहे की कोई वस्तु घुसेड़ दी थी। तब से महिला दर्द भोग रही थी, कई निजी अस्पतालों में भी उसके दर्द को गंभीरता से नहीं लिया गया। कई दिनों तक पुलिस के चक्कर काटने के बाद गत दिनों केस दर्ज किया गया और महिला को इलाज के लिए दो दिन पहले एमवाय अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने पहले महिला का एक्स-रे करवाया जिसमें पता चला की महिला के पेट में दोपहिया वाहन का हैंडल है। इसके बाद मरीज का सीटी स्कैन कराया गया जिसमें वाहन का हैंडल बच्चादानी, पेशाब की थैली और छोटी आंत के मध्य पाया गया।

इतनी बुरी हालत देख डॉक्टर भी चौंक गए
महिला का इलाज महिला रोग व प्रसूती विभाग के डॉ. सोमेन भट्‌टाचार्य व युरो सर्जरी विभाग के डॉ. संकल्प जोशी ने शुरू किया। जांच में बाइक का हेंडल शरीर में होने की पुष्टी हुई। सर्जरी विभाग डॉ. आरके माथुर, डॉ. सोनिया मोजेस, डॉ. शशिकुमार शर्मा, डॉ. सचिन वर्मा और एनेस्थिसिया विभाग के डॉ. केके अरोरा, डॉ. मनीष बनारे, डॉ. पारुल जैन सहित १८ डॉक्टरों की टीम ऑपरेशन के लिए तैयार की गई। टीम ने 4 घंटे ऑपरेशन कर महिला के पेट से हैंडल निकाला। लंबे समय से हैंडल बच्चेदानी में था जिसके चलते बच्चेदानी में इंफेक्शन फैल गया था। बच्चेदानी को भी निकालना पड़ा है। पेशाब की थैली में गंभीर चोट होने से डीजे स्टंट डालकर उसे रिपेयर किया गया। साथ ही छोटी आंत की भी मरम्मत करनी पड़ी। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत स्थिर है।

इलाज में मदद को आई संस्था
महिला को अस्पताल में भर्ती करने के बाद सीटी स्कैन व अस्पताल के स्टॉक में नहीं मिलने वाली दवाओं की जरुरत थी। डॉक्टरों की सूचना पर अस्पताल परिसर में संचालित परपीड़ा हर वेलफेयर सोसायटी ने देर रात ५३०० रुपए की मदद जांचों के लिए की। साथ ही महिला को लगने वाले इंजेक्शन व दवाएं मुहैया कराई।