गोविंद मालू, गोपीकृष्ण नेमा, भंवरसिंह शेखावत जैसे नेता आस लगाकर बैठे थे। मालू तो अपने संबंधों के आधार पर सभी को साध रहे थे। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि अगला नाम उन्हीं का होगा, लेकिन फिलहाल इंतजार से ही संतोष करना होगा। बताया जा रहा है कि मोघे को नियुक्त कर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने शहर की राजनीति में सक्रिय एक गुट को फिर अलग संदेश दिया है। मामले में मोघे का कहना है, 'संगठन ने निर्णय लिया है, जल्द ही पद संभालूंगा।'