
किसान आक्रोश रैली के लिए भाजपा ने झोंक दी पूरी ताकत
इंदौर। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा पहली बार प्रदेश में कमलनाथ सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने जा रही है, जिसका इंदौर से शंखनाद हो रहा है। राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में निकलने वाली किसान आक्रोश रैली में भाजपा ने ताकत झोंक दी है। ग्रामीण नेता किसानों और ट्रैक्टरों के साथ पहुंचेंगे तो नगर किसानों का पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगा।
पश्चिम बंगाल में भाजपा को १८ सीटें दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ११ जून को इंदौर आ रहे हैं। इसके चलते उनके समर्थकों ने स्वागत रैली की योजना बनाई थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पितृ शोक होने की वजह से योजना बदल दी गई। अब किसान आक्रोश रैली निकाली जा रही है।
विजयवर्गीय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का आगाज किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में ये पहला आंदोलन होगा जिसकी शुरुआत इंदौर से हो रही है। रैली को लेकर जिला और नगर भाजपा ने अपनी ताकत झोंकना शुरू कर दी है। दोनों के बीच में काम का भी बंटवारा हो गया है। जिला भाजपा को किसानोंऔर टै्रक्टरों को इक_ा करना है।
सभी को राजमोहल्ला खालसा स्टेडियम पर इक_ा किया जा रहा है। यहां से रैली मालगंज, यशवंत रोड, मच्छी बाजार, हरसिद्धि होते हुए कलेक्टोरेट पहुंचेगी। सभी शहरी विधानसभाओं को रैली मार्ग बांट दिया गया है ताकि किसानों और विजयवर्गीय का जोरदार स्वागत हो सके। गर्मी को देखते हुए छाछ, कोङ्क्षल्ड्रक, नाश्ता, पानी की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया।
कलेक्टोरेट पर जंगी प्रदर्शन होगा और कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इधर, विजयवर्गीय की रैली और उसके स्वागत को लेकर विधायक रमेश मेंदोला व आकाश विजयवर्गीय ने पूरी ताकत झोंक दी है। उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इक_ा होंगे। रैली के रूप में लेकर राजमोहल्ला पहुंचेंगे।
विधानसभावार सौंपी जिम्मेदारी
राजमोहल्ला से मालगंज -१ नंबर
मालगंज से पीपली बाजार -४ नंबर
पीपली बाजार से यशवंत रोड - ५ नंबर
यशवंत रोड से मच्छी बाजार - २ नंबर
मच्छी बाजार से पंढरीनाथ - राऊ
पंढरीनाथ से कलेक्टोरेट - ३ नंबर
मोघे ने दी सीख
कल दीनदयाल भवन में नगर व जिला भाजपा की संयुक्त बैठक बुलाई गई थी। चर्चा के दौरान वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे ने गांव के नेताओं को सीख देते हुए कहा कि देखना रैली को हलके में मत ले लेना। प्रत्येक विधानसभा ने ५०० ट्रैक्टर लाने की जवाबदारी तो ले ली है, लेकिन काम हवा में नहीं होना चाहिए। बोलने से काम नहीं चलेगा। मालूम रहना चाहिए कि किस गांव से कितने आ रहे हैंऔर किस-किस के आ रहे हैं। डीजल डलाना पड़े तो डला भी देना।
नहीं पहुंचे गांव के प्रमुख नेता
रैली को लेकर हुई बैठक में संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा, कृष्णमुरारी मोघे, बाबूसिंह रघुवंशी, महापौर मालिनी गौड़, गोपी नेमा, अशोक सोमानी, रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, जीतू जिराती सहित बड़ी संख्या में पार्षद, नगर पदाधिकारी व मंडल अध्यक्ष व महामंत्री पहुंचे थे। चौंकाने वाली बात ये है कि ग्रामीण से चुनाव लडऩे वाले तीन प्रत्याशी नहीं थे। पूर्व विधायक मनोज पटेल, राजेश सोनकर और मधु वर्मा गायब थे। तीनों ही नेता लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से जुड़े हुए हैं।
Published on:
09 Jun 2019 10:55 am
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