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Reel देखकर ज्वाइवन किया व्हाट्सऐप ग्रुप, खाते से निकले ’66 लाख’ रुपए

MP News: संबर 2025 में फेसबुक पर एक रील देखते समय युवक को ट्रेडिंग संबंधित लिंक दिखी। उस पर क्लिक करते ही वह एक वाट्सऐप ग्रुप में जुड़ गया...

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cyber fraud

cyber fraud (Photo Source - Patrika)

MP News: सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग के लुभावने विज्ञापनों और फर्जी निवेश गुरुओं के झांसे में आकर एरोड्रम थाना क्षेत्र का 40 वर्षीय युवक करीब 66 लाख रुपयों से हाथ धो बैठा। पीड़ित फाइनेंसर बताया जाता है। आरोपियों ने 'ए69 एबीएसएल वेल्थ नेविगेटर क्लब के नाम पर वाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया। ठगों ने पाड़ित को भरोसा दिलाने को बकायदा फर्जी लेक्चर और हाई नेटवर्थ अकाउंट के दस्तावेज तक तैयार किए थे।

रील से शुरू हुआ बर्बादी का सफर

दिसंबर 2025 में फेसबुक पर एक रील देखते समय युवक को ट्रेडिंग संबंधित लिंक दिखी। उस पर क्लिक करते ही वह एक वाट्सऐप ग्रुप में जुड़ गया। महीनेभर ग्रुप की गतिविधियों, फर्जी स्क्रीन शॉट्स और ट्रेडिंग लेक्चर्स देखने के बाद उसे लगा कि यह निवेश का सही मौका है। युवक ने हाई नेट वर्थ अकाउंट एप्लिकेशन फॉर्म पर जानकारी भर कर ट्रेडिंग खाता खोला। ठगों ने 'एबीएसएलएचएनडबल्यू' नामक एक संदिग्ध ऐप डाउनलोड करवाया। फरियादी ने 28 जनवरी को पहली बार 5,000 रुपए लगाए, ऐप ने तुरंत 'प्रॉफिट' दिखाया। इसके बाद 29- 30 जनवरी को 50-50 हजार, 2 फरवरी को 1,00,000 रुपए एनईएफटी किए।

महिला ने बात कर अच्छे रिटर्न का भरोसा दिया

युवक को महिला ने एक वीआइपी ग्रुप में जोड़कर बताया कि अच्छे रिटर्न मिलेंगे। पीडि़त ने 5 फरवरी को 5-5 लाख रुपए खातों में जमा किए। महिला ने कहा, फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आइपीओ में निवेश कर दो। वहां तीन करोड़ रुपए मिलेंगे। पीडि़त ने 10 लाख वहां डाल दिए। 10 फरवरी को 3 लाख, 17 को 5 लाख, 18 को 10 लाख व 19 फरवरी को 17 लाख 52 हजार रुपए खाते में डालने पर 20 फरवरी को ऐप 4,01,87835 रुपए इन्वेस्टमेंट व रिटर्न दिखा रहा था।

पीडि़त ने धोखाधड़ी की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई है। ठगी की राशि बैंक खातों से ट्रांसफर कर ली है। पीडि़त ने उन मोबाइल नंबरों और बैंक खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। -तरुण सिंह भाटी, टीआइ

बैंक खाते में रुपए नहीं हुए ट्रांसफर

पीडि़त के ऐप वॉलेट में निवेश और रिटर्न मिलाकर 4 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपए से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी। जब युवक ने इस राशि को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करना चाहा, तो नहीं हुई। ठगों ने पैसे निकालने के बदले नए आइपीओ में और निवेश की शर्त रख दी। इस पर फरियादी को अहसास हुआ कि वह ठगा जा चुका है। आरोपियों ने उसके साथ 65 लाख 57 हजार रुपयों की धोखाधड़ी की।